सीहोर: अस्पताल कर्मचारी से साइबर ठगी, पुलिस ने बचाए 40 हजार रुपए

सीहोर। जानकारी के अनुसार फरियादी अनार सिंह, जो जिला अस्पताल के शासकीय अस्पताल में पदस्थ हैं, मोबाइल का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान बच्चों से गलती से मोबाइल में ऑटो कंट्रोल और रिमोट एक्सेस से संबंधित एप्लीकेशन, जैसे AnyDesk, की प्रक्रिया सक्रिय हो गई। इसके बाद साइबर ठगी की घटना सामने आई और उनके क्रेडिट कार्ड से 40,153 रुपये की राशि अनधिकृत रूप से कट गई।
शिकायत मिलते ही साइबर हेल्प डेस्क हुई सक्रिय
सीएससी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि घटना के बाद अनार सिंह 4 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली की साइबर हेल्प डेस्क ने तत्काल शिकायत पर कार्रवाई शुरू की। साइबर फ्रॉड की जानकारी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज की गई, जिससे ठगी की रकम को ट्रेस कर उसे रोकने की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
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Amazon Pay का भुगतान कराया कैंसिल
पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ठगी की रकम से संबंधित ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई। जांच में भुगतान Amazon Pay से संबंधित पाया गया। पुलिस ने संबंधित स्तर पर तत्काल समन्वय करते हुए भुगतान को कैंसिल कराने की कार्रवाई की। समय पर शिकायत दर्ज होने के कारण ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में सफलता मिली।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई से पूरी रकम हुई वापस
कोतवाली पुलिस की जल्द कार्रवाई और प्रभावी समन्वय का परिणाम रहा कि फरियादी अनार सिंह की ठगी गई पूरी राशि 40,153 रुपये वापस यानी रिफंड करा दी गई। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस की तत्परता और कार्रवाई की सराहना की। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी टीआई रविन्द्र यादव, उप निरीक्षक विवेक आर्य, आरक्षक कपिल मेवाड़ा और आरक्षक विवेक प्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही। टीम ने शिकायत मिलते ही तकनीकी स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित भुगतान को रोकने और राशि वापस कराने के लिए आवश्यक समन्वय किया।
पुलिस की अपील-अज्ञात लिंक पर न करें क्लिक
थाना कोतवाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk अथवा अन्य रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड या सक्रिय न करें। मोबाइल में बच्चों द्वारा अनजाने में की जाने वाली गतिविधियों पर भी अभिभावक नजर रखें।
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ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत पुलिस तक पहुंचती है, उतनी ही अधिक संभावना रहती है कि ठगी की रकम को होल्ड या रिवर्स कराकर पीड़ित को वापस दिलाया जा सके। थाना कोतवाली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।












