भोपाल में टैक्सी चालकों का बड़ा ऐलान, 18 से 20 अगस्त के बीच CM हाउस घेराव की तैयारी

एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और कथित मनमानी के खिलाफ भोपाल के टैक्सी चालकों का आंदोलन अब प्रदेश स्तर पर जाने की तैयारी में है। शनिवार को चिनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ, भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध पदाधिकारियों और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत से जुड़े प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में 15 अगस्त को बड़ी रैली निकालने और 18 से 20 अगस्त के बीच मुख्यमंत्री आवास के घेराव का फैसला लिया गया। हालांकि, प्रदेश स्तरीय आंदोलन की अंतिम तारीख अभी तय नहीं की गई है।
15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक रैली
टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के भोपाल प्रभारी जावेद खान ने बताया कि 15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक रैली निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में टैक्सी चालक शामिल होंगे। संगठन के मुताबिक रैली शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य टैक्सी चालकों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।
किराया तय करने की मांग
टैक्सी चालकों का कहना है कि मध्यप्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए किराया तय करने की स्पष्ट सरकारी नीति नहीं है। संगठन का आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर एग्रीगेटर कंपनियां अपनी सुविधानुसार किराया तय करती हैं। टैक्सी चालक संघ सरकार से स्थायी किराया गाइडलाइन लागू करने की मांग कर रहा है। संगठन के प्रस्ताव के मुताबिक प्रत्येक राइड पर 50 से 60 रुपए बेस फेयर, यात्रा के समय के लिए 1 से 1.50 रुपए प्रति मिनट टाइम चार्ज और वाहन की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपए प्रति किलोमीटर किराया तय किया जाना चाहिए।
18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेशभर के ड्राइवर जुटेंगे
भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के मुताबिक बैठक में आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठन की योजना है कि 18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेशभर के टैक्सी चालक भोपाल में जुटें। इसमें भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में Ola, Uber और Rapido जैसी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े ड्राइवरों को भी शामिल करने की तैयारी है।संगठन का कहना है कि राज्य सरकार पहले टैक्सी किराया निर्धारित करे और इसके बाद एग्रीगेटर कंपनियों को उसी दर के अनुसार सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए जाएं।
18 अगस्त से पहले फैसला नहीं हुआ तो प्रदर्शन की चेतावनी
भोपाल टैक्सी चालक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि यदि 18 अगस्त से पहले किराए और अन्य मांगों पर सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो टैक्सी चालक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि टैक्सी चालक लगातार आर्थिक दबाव में काम कर रहे हैं। वाहन की EMI, ईंधन, बीमा, मेंटेनेंस और परिवार के खर्च के बाद ड्राइवरों के लिए आमदनी बचाना मुश्किल हो रहा है।
जून में एयरपोर्ट राइड का किया था बहिष्कार
टैक्सी चालक इससे पहले 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड का बहिष्कार भी कर चुके हैं। संघ का दावा है कि इस विरोध के बाद एग्रीगेटर कंपनियों ने किराए में कुछ सुधार किया था लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद फिर पुराने रेट लागू कर दिए गए। इसके बाद टैक्सी संगठनों ने परिवहन मंत्री से मुलाकात कर किराया निर्धारित करने समेत अन्य मांगें रखी थीं।
निजी नंबर वाले वाहनों और अवैध बाइक टैक्सी का मुद्दा
बैठक में निजी नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और कथित अवैध बाइक टैक्सी संचालन का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन का आरोप है कि ऐसे वाहनों के कारण वैध रूप से टैक्सी चला रहे ड्राइवरों की कमाई प्रभावित हो रही है। टैक्सी संघ ने सरकार से ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने और एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
सिर्फ किराया बढ़ाने से नहीं बदलेगी व्यवस्था
राजेश कुमार नागले के मुताबिक समस्या का समाधान केवल किराए में 20 या 30 प्रतिशत बढ़ोतरी करने से नहीं होगा। उनका कहना है कि पहले एग्रीगेटर मॉडल में बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर किराया तीनों शामिल होते थे, लेकिन अब अधिकांश मामलों में भुगतान दूरी के आधार पर किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि ड्राइवरों की वास्तविक लागत को ध्यान में रखते हुए बेस फेयर, समय और दूरी के आधार पर किराया तय किया जाना चाहिए।
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प्रस्तावित किराया लागू हुआ तो इन रूटों पर बढ़ सकती है लागत
टैक्सी चालक संघ ने अपने प्रस्तावित किराया मॉडल के आधार पर कुछ रूटों के संभावित किराए का उदाहरण भी दिया है। संगठन के अनुसार, अरेरा हिल्स से राजा भोज एयरपोर्ट का मौजूदा किराया करीब 246 से 282 रुपए है, जो प्रस्तावित व्यवस्था में 416 से 552 रुपए तक हो सकता है। इसी तरह न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन का किराया 95 से 108 रुपए के बजाय करीब 205 से 270 रुपए, लालघाटी से एमपी नगर का किराया 152 से 167 रुपए के बजाय 302 से 401 रुपए और रातीबड़ थाना से भोपाल रेलवे स्टेशन का किराया 274 से 314 रुपए के बजाय 474 से 638 रुपए तक होने का अनुमान संगठन ने बताया है। ये आंकड़े टैक्सी चालक संघ के प्रस्तावित किराया मॉडल पर आधारित हैं, इन्हें सरकार या एग्रीगेटर कंपनियों की ओर से तय किया गया नया किराया नहीं माना जाना चाहिए।
फटे कपड़े पहनकर कटोरा लेकर किया था प्रदर्शन
टैक्सी चालकों ने शुक्रवार को भी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया था। भोपाल टैक्सी चालक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में ड्राइवर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंचे। ड्राइवर फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए। संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन टैक्सी चालकों की आर्थिक स्थिति और एग्रीगेटर कंपनियों की किराया व्यवस्था के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए किया गया।
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टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगें
टैक्सी संगठनों की मांगों में सरकार द्वारा टैक्सी किराया निर्धारित करना, बेस फेयर और टाइम चार्ज लागू करना, एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी पर रोक, निजी नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई, अवैध बाइक टैक्सी संचालन पर रोक और टैक्सी चालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं। अब टैक्सी चालकों की नजर 15 अगस्त की प्रस्तावित रैली और इसके बाद 18 से 20 अगस्त के बीच होने वाले प्रदेश स्तरीय आंदोलन पर है।












