शादी के रजिस्ट्रेशन में देर करना पड़ा भारी, डिप्टी कलेक्टर ने भैरूंदा नगर परिषद सीएमओ पर लगाया 750 रुपए जुर्माना

सीहोर। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। भैरूंदा नगर परिषद में विवाह पंजीयन से जुड़े एक आवेदन के निराकरण में तीन दिन की अनावश्यक देरी सामने आने पर नगर परिषद के सीएमओ रामप्रसाद भावरे पर 750 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई डिप्टी कलेक्टर गिरिराज परिहार द्वारा की गई है।
विवाह पंजीयन आवेदन के निराकरण में देरी
जारी आदेश के अनुसार भैरूंदा नगर परिषद के सीएमओ रामप्रसाद भावरे के समक्ष विवाह पंजीयन से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया गया था। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इस आवेदन का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाना था, लेकिन आवेदन का समय पर निराकरण नहीं हो सका। संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन के निराकरण में तीन दिन का अनावश्यक विलंब किया गया।
तीन दिन की देरी पर 750 रुपए जुर्माना
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की। तीन दिन की देरी के लिए सीएमओ पर प्रतिदिन 250 रुपए के हिसाब से कुल 750 रुपए का जुर्माना लगाया गया। आदेश में भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं बरतने और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी गई है।
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अधिकारियों को समय-सीमा का पालन करने के निर्देश
कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समय में सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
हर दिन 250 रुपए जुर्माने का प्रावधान
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। यदि निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन होता है तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित अधिकारी पर प्रतिदिन 250 रुपए के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है। भैरूंदा सीएमओ पर हुई कार्रवाई को प्रशासन की समय-सीमा आधारित सेवा व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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