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Satna News :ब्लड बैंक प्रभारी समेत 3 सस्पेंड, थैलेसीमिया बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में कार्रवाई

सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर और दो लैब टेक्नीशियन को निलंबित किया गया है, जबकि तत्कालीन सिविल सर्जन से जवाब तलब किया गया है।
ब्लड बैंक प्रभारी समेत 3 सस्पेंड, थैलेसीमिया बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में कार्रवाई
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में थैलेसीमिया से पीड़ित छह मासूम बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की पुष्टि के बाद राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर और दो लैब टेक्नीशियनों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आयुष्मान भारत के सीईओ डॉ. योगेश भरसट की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

    जिला अस्पताल में चढ़ाया गया संक्रमित ब्लड

    यह मामला सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय से जुड़ा है, जहां थैलेसीमिया से पीड़ित छह बच्चों को नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर पर जांच समिति बनाई गई थी।

    तीन अधिकारियों पर गिरी गाज

    प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद ब्लड बैंक प्रभारी एवं पैथोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र पटेल, लैब टेक्नीशियन रामभाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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    ब्लड दलाली गिरोह पर भी कार्रवाई

    इस मामले से जुड़े ब्लड की अवैध दलाली के एंगल पर पुलिस ने भी कार्रवाई की है। एक दिन पहले पुलिस ने रजनीश साहू, मोहम्मद सैफ और अनिल गुप्ता नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर ब्लड की अवैध सप्लाई से जुड़े थे।

    सरकार का बयान

    उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि, जैसे ही मामला सामने आया, राज्य स्तरीय जांच समिति गठित की गई। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर तीन लोगों को सस्पेंड किया गया है और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    इस मामले पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि, पीड़ित बच्चों को रक्त देने वाले डोनर्स की संख्या काफी अधिक है, इसलिए जांच प्रक्रिया में समय लगना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि, प्रकरण की जांच केंद्र और राज्य स्तर की अलग-अलग टीमें कर रही हैं। फिलहाल किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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    कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह और डॉ. विक्रांत भूरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि, यह मामला कई महीनों से दबाया गया। उनका आरोप है कि, प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में ब्लड स्क्रीनिंग के लिए अब भी रैपिड टेस्ट का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि ऑटोमेटेड टेस्ट अनिवार्य होने चाहिए।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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