RSS से टकराव : '100 साल में नहीं कराया रजिस्ट्रेशन तो अगले 200 साल भी नहीं कराएगा? मोहन भागवत के बयान पर प्रियांक खड़गे का सवाल

बेंगलुरु। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और कर्नाटक सरकार के बीच चल रहा विवाद अब और तीखा होता नजर आ रहा है। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे लगातार संघ की कार्यप्रणाली और उसकी कानूनी स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन के पंजीकरण, फंडिंग, आय-व्यय और जवाबदेही से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
मोहन भागवत के बयान पर पलटवार
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियांक खड़गे ने संघ प्रमुख के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें मोहन भागवत ने कहा था कि RSS को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है और पिछले 100 वर्षों में किसी भी सरकार ने ऐसी मांग नहीं की। इस पर खड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि यदि संगठन ने एक सदी में खुद को पंजीकृत नहीं कराया, तो क्या अगले 200 वर्षों तक भी यही स्थिति बनी रहेगी?
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'कानून से ऊपर कोई नहीं'
प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति या संस्था कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के रूप में राज्य में कानून-व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। खड़गे के अनुसार, RSS की गतिविधियां केवल एक निजी संगठन तक सीमित नहीं हैं, क्योंकि उसकी हजारों शाखाएं, मार्च और बड़े स्तर के कार्यक्रम समाज में व्यापक प्रभाव रखते हैं।
फंडिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
खड़गे ने RSS की फंडिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब संगठन के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, तो उसके लिए धन का स्रोत सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रमों के लिए एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL) जैसी सुरक्षा व्यवस्था क्यों उपलब्ध कराई जाती है, जबकि इसका खर्च सरकारी संसाधनों से वहन किया जाता है।
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VHP और भाजपा की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद के बीच भाजपा और संघ समर्थक संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कौन-सा कानून सभी संगठनों के लिए पंजीकरण अनिवार्य बनाता है। वहीं, भाजपा पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा कि सवाल RSS से पूछे जा रहे हैं, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से दिए जा रहे हैं। फिलहाल RSS और भाजपा की ओर से खड़गे के ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।












