नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ईंधन कीमतों को लेकर मिली-जुली खबर सामने आई है। 1 अप्रैल 2026 को देश के ज्यादातर शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि इस बीच प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिससे फ्यूल मार्केट पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेल कंपनियों ने आम पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे नए वित्त वर्ष की शुरुआत में उपभोक्ताओं को राहत मिली है, जबकि पहले उम्मीद की जा रही थी कि कीमतों में बदलाव हो सकता है।
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जहां सामान्य ईधन के दाम स्थिर हैं वहीं प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1.50 रुपए से लेकर 11 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा यह बढ़ोतरी चुनिंदा शहरों में लागू की गई है। दिल्ली में 100 ऑक्टेन पेट्रोल (XP100) की कीमत 149 रुपए से बढ़कर 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं ‘एक्स्ट्रा ग्रीन’ प्रीमियम डीजल 91.49 रुपए से बढ़कर 92.99 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।
तेल कंपनियों ने इस बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रिफाइनिंग और लॉजिस्टिक लागत में बढ़ोतरी, और वैश्विक तनाव जैसी स्थितियां इसकी मुख्य वजह मानी जा रही हैं।
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एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में ATF का रेट बढ़कर 2,07,341.22 रुपए प्रति किलोलीटर हो गया है, जो इससे पहले 96,638.14 रुपए था। यह पहली बार है जब ATF की कीमत 2 लाख रुपए के पार पहुंची है। इससे पहले इतनी बड़ी बढ़ोतरी रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान देखी गई थी।
1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दिल्ली में 19 किलो के सिलेंडर की कीमत 195.50 रुपए बढ़कर 2,078.50 रुपए हो गई है। मार्च में भी 114.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई थी, यानी एक महीने में दूसरी बार कीमतें बढ़ी हैं। कोलकाता में 218 रुपए और चेन्नई में 203 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ग्लोबल तेल बाजार का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिख रहा है। 1 अप्रैल को WTI क्रूड ऑयल करीब 102.92 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि ब्रेंट क्रूड में भी हाल के हफ्तों में तेज उछाल देखा गया है। मार्च महीने में ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका असर अब भारत के फ्यूल मार्केट पर दिखाई दे रहा है।