Twisha Sharma Bhopal Case :ट्विशा केस में फरार पति समर्थ सिंह पर 10 हजार का इनाम, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

भोपाल। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस में आरोपी पति समर्थ सिंह की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई के बाद पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। इस संबंध में डीसीपी जोन-2 कार्यालय से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अब समर्थ की तलाश में जुटी हुई है और उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
पासपोर्ट रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, समर्थ सिंह के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों को डर है कि मामला गंभीर होने के कारण वह देश छोड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस ने कहा आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं
मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा, आज पुलिस की ओर से रखे गए तर्क काफी मजबूत थे। पुलिस ने अदालत में कहा कि ये लोग बेहद प्रभावशाली हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। अगर पुलिस की यह दलील सही है, तो इसी आधार पर पहले आरोपी को जमानत देना गलत फैसला था। या तो यह प्रक्रिया गलत है, या फिर पुलिस की कार्रवाई में कमी है। हम अपनी ओर से हरसंभव प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि दहेज मृत्यु के मामलों में, खासकर जब शादी के सात साल के भीतर मौत होती है, तब आरोपियों को हिरासत में लिया जाना जरूरी होता है। लेकिन यहां एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद ही जमानत दे दी गई और अग्रिम जमानत भी मिल गई, जबकि पुलिस खुद अदालत में कह रही थी कि ये प्रभावशाली लोग हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
ट्विशा के पिता ने कहा-यह जघन्य अपराध, समर्थ को जमानत नहीं मिले
मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा, कोर्ट में हमने कहा कि अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि यह एक जघन्य अपराध है। पुलिस ने आज कहा कि यह परिवार (समर्थ सिंह का) बहुत प्रभावशाली है और वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। हमें न्याय मिलने की बहुत कम उम्मीद है। हम व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। हम चाहते हैं कि दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए, लेकिन हमें रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार से इस मामले का संज्ञान लेने और शव को एम्स दिल्ली भेजने की मांग करते हैं। हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जाए। यह भी जांच का हिस्सा है कि ट्विशा ड्रग्स लेती थी या नहीं। उन्होंने कहा कि साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि उनके परिवार में कौन-कौन ड्रग्स का सेवन करता था और उनका पुराना आपराधिक या संदिग्ध रिकॉर्ड क्या रहा है।
शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
ट्विशा शर्मा, भोपाल की रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बहू थीं। उनके पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने दहेज को लेकर उनकी बेटी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। परिवार का दावा है कि ट्विशा लंबे समय से मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार परेशान किया जा रहा था।
मौत से पहले मां को किया था फोन
परिजनों के अनुसार, 12 मई 2026 की रात करीब 10 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि वह अब प्रताड़ना सहन नहीं कर पा रही है। बातचीत के दौरान ही उसके पति समर्थ सिंह कमरे में पहुंच गए। कुछ देर बाद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने फोन कर परिवार को बताया कि ट्विशा की तबीयत बिगड़ गई है और उसे भोपाल एम्स ले जाया जा रहा है, क्योंकि वह सांस नहीं ले रही थी। उसी रात ट्विशा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने से मामला और संदिग्ध हो गया है। पिछले सात दिनों से ट्विशा का शव भोपाल एम्स की मर्चुरी में रखा हुआ है और अब उसके डीकंपोज होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।











