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महंगी होंगी कारें!साइलेंसर में छिपा है प्लैटिनम का खेल, जानिए किस गाड़ी में कितना होता है इस्तेमाल

कारें जल्द ही महंगी होने वाली हैं इसकी मुख्य वजह आपकी गाड़ी के साइलेंसर में छिपा प्लैटिनम है। दरअसल प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका निभाने वाले इस कीमती धातु की बढ़ती कीमतें सीधे वाहनों की लागत बढ़ा रही हैं।
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साइलेंसर में छिपा है प्लैटिनम का खेल, जानिए किस गाड़ी में कितना होता है इस्तेमाल
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प्लैटिनम की कीमतों में तेजी और आयात शुल्क बढ़ने के बाद ऑटो सेक्टर में हलचल बढ़ गई है। पेट्रोल और डीजल गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाला यह कीमती धातु अब कार कंपनियों की लागत बढ़ा सकता है। यही वजह है कि आने वाले समय में कई गाड़ियां महंगी हो सकती हैं। दरअसल प्लैटिनम का इस्तेमाल गाड़ियों के कैटेलिटिक कन्वर्टर में किया जाता है। यह वही हिस्सा होता है जो गाड़ी से निकलने वाले जहरीले धुएं को कम करने का काम करता है। BS-6 जैसे सख्त प्रदूषण नियम लागू होने के बाद इसका इस्तेमाल और बढ़ गया है।

किस गाड़ी में कितना प्लैटिनम लगता है?

ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक अलग-अलग गाड़ियों में प्लैटिनम की मात्रा अलग होती है। यह इंजन के आकार, ईंधन और उत्सर्जन तकनीक पर निर्भर करता है।

गाड़ी का प्रकार अनुमानित प्लैटिनम इस्तेमाल
छोटी पेट्रोल कार 2-5 ग्राम
डीजल कार 3-7 ग्राम
हाइब्रिड वाहन 3-8 ग्राम
SUV और बड़ी गाड़ियां 5-10 ग्राम
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) लगभग नहीं 

डीजल गाड़ियों में ज्यादा जरूरत

डीजल इंजन से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा एडवांस सिस्टम की जरूरत होती है। इसी कारण डीजल वाहनों में प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं का इस्तेमाल अधिक होता है।

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कारें हो सकती हैं महंगी

भारत प्लैटिनम का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। दक्षिण अफ्रीका और रूस इसके बड़े सप्लायर माने जाते हैं। ग्लोबल सप्लाई प्रभावित होने, युद्ध और आयात शुल्क बढ़ने से इसकी कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर ऑटो कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं।

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EV में नहीं होती जरूरत

इलेक्ट्रिक वाहनों में कैटेलिटिक कन्वर्टर नहीं होता क्योंकि इनमें धुआं निकलता ही नहीं। यही वजह है कि EV में प्लैटिनम की जरूरत लगभग खत्म हो जाती है। ऑटो इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में महंगे होते कीमती धातु भी कंपनियों को EV की तरफ तेजी से बढ़ने के लिए मजबूर कर सकते हैं।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

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