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सिवनी हवाला कांड :मुख्य आरोपी एसडीओपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

सिवनी जिले में हुए हवाला कांड में गिरफ्तार एसडीओपी पूजा पांडे को जमानत मिल गई है। बच्चे का हवाला देने पर पूजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।
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मुख्य आरोपी एसडीओपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

सिवनी। जिले में हुए हवाला कांड में पुलिस भ्रष्टाचार और लूट का मामला माह अक्टूबर 2025 में सामने आया था।  इसमें तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिस कर्मियों पर हवाला के 3 करोड़ लूट लिए जाने के आरोप लगे थे और केवल 1.45 करोड़ की जब्ती दिखाई थी। इस घटनाक्रम की मुख्य आरोपी एसडीओपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी है। निलंबित एसडीओपी ने कोर्ट में बताया कि उनके साथ 2 साल का बच्चा भी है। इस आधार पर सोमवार का सर्वोच्च अदालत ने उन्हें जमानत देकर राहत दे दी है।

एसडीओपी और टीम ने जब्त किए थे 3 करोड़ रुपए  

घटना क्रम के अनुसार सिवनी पुलिस को कटनी से नागपुर (महाराष्ट्र) की ओर जा रही एक क्रेटा कार में हवाला की बड़ी रकम होने की मुखबिर से सूचना मिली थी। एसडीओपी पूजा पांडे और उनकी टीम ने कार को नागपुर रोड पर खैरीटेक के पास रोककर 3 करोड़ रुपए जब्त किए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने हवाला कारोबारियों को धमका कर भगा दिया और पूरी रकम थाने में जमा करने के बजाय उसे आपस में बांट लिया था। इस मामले में 9 अक्टूबर को एफआईआर में केवल 1.45 करोड़ रुपए का ही हिसाब दिखाया गया था। प्रकरण में एसडीओपी पूजा पांडे सहित बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित अन्य 9 को आरोपी बनाया गया था।

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एसआईटी जांच में मिले अहम सबूत

ममला सार्वजनिक होने के बाद एसआईटी जांच प्रांरभ की गई थी तथा जांच एजेंसी ने मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और बैंकिंग लेनदेन सहित कई अहम प्रमाण जुटाए थे। पूछताछ के दौरान कई पुलिस कर्मियों के नाम सामने आए, जिसके बाद विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई कर गिरफ्तारियां भी की गई थी। मामला उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया था। आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा द्वारा गठित एसआईटी जांच में इस सुनियोजित लूट का पर्दाफाश हुआ था। मुख्य आरोपी पूजा पांडे, डीएसपी पंकज मिश्रा और अन्य पुलिस कर्मियों सहित हवाला कारोबारियों से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

डीएसपी और आरक्षक के खिलाफ एफआईआर रद्द

अप्रैल 2026 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का फैसला सामने आया था जहां इस मामले में ठोस साक्ष्य के अभाव में डीएसपी बालाघाट पंकज मिश्रा सहित आरक्षक प्रमोद सोनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया गया है।

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इनकी हुई थी गिरफ्तारी

इस मामले में एसडीओपी पूजा पांडे, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन इनवाती, आरक्षक क्रमश: नीरज राजपूत, जगदीश यादव, योगेन्द्र चौरसिया, केदार बघेल, सुभाष सदाफल, रविन्द्र उईके, रितेश वर्मा, राजेश जंघेला, डीएसीपी बालाघाट पंकज मिश्रा, आरक्षक जबलपुर प्रमोद सोनी, पंजू गिरी गोस्वामी, वीरेन्द्र दीक्षित को गिरफ्तार किया गया था। 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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