Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Digital Gold:बढ़ती सोने की कीमतों के बीच डिजिटल गोल्ड में निवेश का बढ़ा चलन

सोने की आसमान छूती कीमतों के दौर में डिजिटल गोल्ड में निवेश एक आकर्षक विकल्प लग सकता है। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कुछ मिनटों में सोना खरीदने की सुविधा ने इसे बेहद आसान बना दिया है।
बढ़ती सोने की कीमतों के बीच डिजिटल गोल्ड में निवेश का बढ़ा चलन
AI Generated Image

सोने की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़ी संख्या में लोग डिजिटल गोल्ड की तरफ रुख कर रहे हैं। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कुछ मिनटों में सोना खरीदने की सुविधा ने इसे बेहद आसान बना दिया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या डिजिटल गोल्ड वास्तव में सुरक्षित निवेश है या इसमें जोखिम भी छिपे हुए हैं?

ऑनलाइन निवेश का विकल्प डिजिटल गोल्ड

डिजिटल गोल्ड एक ऑनलाइन निवेश विकल्प है जिसमें ग्राहक मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बेहद कम रकम से भी सोना खरीद सकते हैं। इसमें निवेशक को तुरंत फिजिकल गोल्ड नहीं मिलता। कंपनियां दावा करती हैं कि ग्राहक के नाम पर उतनी मात्रा में असली सोना सुरक्षित रखा जाता है। जरूरत पड़ने पर ग्राहक अपना डिजिटल गोल्ड बेच सकते हैं या फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी भी ले सकते हैं।

ऑनलाइन पेमेंट के ट्रेंड से बढ़ी लोकप्रियता

भारत में कई फिनटेक ऐप, मोबाइल वॉलेट, पेमेंट प्लेटफॉर्म और निवेश ऐप डिजिटल गोल्ड बेच रहे हैं। ऑनलाइन पेमेंट और निवेश के बढ़ते ट्रेंड के कारण इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।

रेगुलेटर्स के दायरे में नहीं डिजिटल गोल्ड

बाजार विशेषज्ञ आदित्य मनिया जैन के मुताबिक डिजिटल गोल्ड अभी सीधे तौर पर RBI या SEBI जैसे प्रमुख रेगुलेटर्स के दायरे में पूरी तरह नहीं आता। यानी यदि किसी प्लेटफॉर्म या कंपनी के साथ विवाद होता है तो निवेशकों के लिए कानूनी सुरक्षा सीमित हो सकती है।

ये भी पढ़ें: EV Charging: ‘वन नेशन-वन पेमेंट’ सिस्टम नहीं, हर कंपनी का अलग ई-वॉलेट बना परेशानी

डिजिटल गोल्ड के फायदे

  • कम रकम से निवेश की सुविधा
  • 24x7 खरीद-बिक्री
  • गोल्ड स्टोरेज की चिंता नहीं
  • जरूरत पड़ने पर तुरंत बेच सकते हैं
  • छोटे निवेशकों के लिए आसान विकल्प

जोखिम भी समझना जरूरी

  • स्पष्ट रेगुलेशन का अभाव
  • प्लेटफॉर्म बंद होने का खतरा
  • सोने की शुद्धता और स्टोरेज कंपनी पर निर्भर
  • अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग कीमतें
  • लंबे समय के निवेश में अनिश्चितता

डिजिटल गोल्ड, Gold ETF और डिजिटल गोल्ड में फर्क

विकल्प रेगुलेशन स्टोरेज खरीद सुविधा जोखिम
Digital Gold सीमित कंपनी बहुत आसान ज्यादा
Gold ETF SEBI डिजिटल आसान अपेक्षाकृत कम
Physical Gold - स्वयं पारंपरिक चोरी/स्टोरेज जोखिम

ये भी पढ़ें: इंदौर: सौर ऊर्जा से चार्ज होंगे EV, इलेक्ट्रिवा बढ़ा रही हरित चार्जिंग नेटवर्क

निवेशकों के लिए क्या बेहतर?

बाजार विशेषज्ञ आदित्य मनिया जैन का मानना है कि डिजिटल गोल्ड छोटे समय और छोटी रकम के निवेश के लिए विकल्प हो सकता है लेकिन लंबे समय और ज्यादा सुरक्षित निवेश के लिए निवेशकों को Gold ETF और Sovereign Gold Bond (SGB) जैसे रेगुलेटेड विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका कहना है कि ये विकल्प नियामकीय निगरानी में आते हैं जिससे निवेशकों को अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षा और पारदर्शिता मिलती है।

/img/116/1779108024440

बाजार विशेषज्ञ- आदित्य मनिया जैन

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म चुनें
  • कंपनी की गोल्ड स्टोरेज पॉलिसी पढ़ें
  • खरीद और बिक्री कीमत का अंतर समझें
  • लंबे समय के लिए सिर्फ डिजिटल गोल्ड पर निर्भर न रहें
  • गुलेटेड निवेश विकल्पों की तुलना जरूर करें
Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

Latest Posts