
रांची। लोकसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड में छापेमार कार्रवाई की है। रांची में सोमवार को ED ने 9 ठिकानों पर रेड की है। झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल नौकर के घर नोटों का पहाड़ मिला है। नकदी 20 से 30 करोड़ रुपए के बीच होने का अनुमान है। नोटों की गिनती जारी है।
वीरेंद्र राम के करीबियों के ठिकानों पर छापा
जिन जगहों पर छापेमारी चल रही है उनमें से दो इलाके धुर्वा का सेल सिटी इलाका और बोड़ेया मोरहाबादी रोड़ है। जिनके यहां ED छापेमारी कर रही है, उन सबके तार चीफ इंजीनियर रह चुके वीरेंद्र राम से जुड़े हैं। जानकारी के मुताबिक,ED की ये कार्रवाई निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम और उनके करीबियों के ठिकानों पर की जा रही है।ईडी ने कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फरवरी 2023 में झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र के. राम को गिरफ्तार किया था।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) May 6, 2024
फरवरी 2023 में वीरेंद्र को किया था गिरफ्तार
टेंडर में कमीशन घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने 22 फरवरी 2023 को वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था। इससे एक दिन पहले 21 फरवरी को ईडी ने वीरेंद्र के 24 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान 1.50 करोड़ रुपए के जेवरात और करीब 30 लाख रुपए नकद भी मिले थे। इस दौरान वीरेंद्र राम की कंपनियों के अलावा देश के कई शहरों में करोड़ों के निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले थे। ED ने जमशेदपुर निगरानी थाने में ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियर के खिलाफ दर्ज घूसखोरी के एक मामले को जांच के लिए ECIR के रूप में दर्ज किया था। जिसके बाद यह कार्रवाई की।
कौन है वीरेंद्र राम
ग्रामीण विकास विभाग में वीरेंद्र राम चीफ इंजीनियर थे। 15 नवंबर 2019 को ईडी ने जमशेदपुर में जेई सुरेश प्रसाद के घर छापेमारी की थी, जिसमें 2.67 करोड़ कैश मिले थे। जेई ने पूछताछ में बताया था कि, ये पैसा चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम का है। इसके बाद ईडी ने जांच शुरू की और फरवरी 2023 में वीरेंद्र राम व उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। उनके सहयोगी चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल के ठिकाने से नोटबंदी के पूर्व के 9.46 लाख रुपए के पुराने नोट और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे।
झारखंड के राज्यसभा सांसद के यहां मिले थे 300 करोड़
6 दिसंबर 2023 को आयकर विभाग ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में की गई छापेमारी में 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का कैश बरामद किया गया। आयकर विभाग के महानिदेशक संजय बहादुर के मुताबिक, ये सिंगल ऑपरेशन में बरामद हुई अब तक की सबसे बड़ी रकम रही।
धीरज साहू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि, छापेमारी में जो कैश बरामद किया गया है, वो मेरी शराब की कंपनियों का है। शराब का कारोबार नकदी में ही होता है और इसका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
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