डॉ. मोहन की कैबिनेट बैठक में सिंहस्थ सड़क परियोजना, सिंचाई योजना, जल संरक्षण अभियान और किसानों के लिए गेहूं बोनस जैसे कई अहम फैसले लिए गए। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आम जनता के साथ किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 945 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार का मानना है कि इस सड़क के निर्माण से आने वाले सिंहस्थ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग की लगभग 4525 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की निरंतरता बनाए रखने का भी फैसला लिया गया है।
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बैठक में रीवा जिले में 228 करोड़ रुपये की लागत वाली एक सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधाओं में सुधार मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रदेश में गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सरकार ने बताया कि-राज्य में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और इसे लेकर जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैबिनेट बैठक में आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने निर्णय लिया कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' 19 मार्च को हिंदू नव वर्ष के अवसर पर फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा किसानों के हित में गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की स्थिति पर चर्चा के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से मध्य प्रदेश को जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार को धन्यवाद भी दिया गया।