पल्लवी वाघेला, भोपाल। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध का असर अब घरों को भी सुलगा रहा है। युद्ध से उपजी गैस सिलेंडर की कमी ने घर में विवाद को जन्म दे दिया है। आलम यह है कि बीते चार दिन में चार ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें सिलेंडर की आपूर्ति से उपजी दिक्कतों ने परिवार में कलह करा दी।
इसमें जहां पत्नियों की शिकायत है कि उन्हें चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर किया जा रहा है वहीं, एक पति ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने से परेशान है। ये शिकायतें वूमन हेल्पलाइन नंबर 181, भाई संस्था की हेल्पलाइन और मीडिएशन सेंटर के काउंसलर्स के पास पहुंची हैं।
इंदौर निवासी महिला ने काउंसलर से सीधे संपर्क कर पति की शिकायत की। उसने बताया कि उनके पास जो एक्स्ट्रा सिलेंडर था उसे पति अपनी मां के घर रख आया है और उनकी पुरानी सिगड़ी घर उठा लाया है। जब उसने विरोध किया तो पति ने कहा कि तुम जवान हो सिगड़ी पर खाना बना लेना, मां तो ऐसा नहीं कर सकती। बता दें, दंपति में पहले भी विवाद हुए हैं और मायका भोपाल होने से महिला ने यहां शिकायत भी की थी। फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग के बाद एक साल से पत्नी वापस ससुराल में है। अब पति द्वारा मां को महत्व दिए जाने की बात कहकर वह आहत है।
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न्यू सुभाष नगर क्षेत्र निवासी पति ने गूगल से नंबर सर्च कर भाई संस्था को फोन किया। पति ने कहा कि पत्नी सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर ऑनलाइन फूड ऑर्डर कर रही है। उसने कहा कि अभी सिलेंडर खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन उसका कहना है कि वह बचत कर रही है। पति ने कहा कि बाहर के खाने से उसकी तबीयत खराब होती है। इस पर पत्नी ने फल और ब्रेड जैम उसके सामने रख दिए कि यह खाकर काम चलाओ।
मंगलवार को मीडिएशन सेंटर पहुंचे कॉल में महिला ने कहा कि उसकी शादी को चार माह हुए हैं। सास हर बात में रोक-टोक करती है। सिलेंडर की कमी की खबर सुनने के बाद तो उसका जीना दूभर हो गया है। सास हर समय किचन में नजर रखती है, गलती से उसने गैस धीमी की तो उस पर भी ताना देने लगती है। पति भी उसे एडजस्ट करने को कहते हैं।
चुना भटटी निवासी महिला ने कहा कि घर में आधा भरा सिलेंडर होने के बाद भी पति ने घर के बाहर चूल्हा बना दिया है और उसी पर खाना बनवा रहा है। पत्नी ने कहा कि यह उसे प्रताड़ित करने का तरीका है।
सिलेंडर संबंधी विवाद के कुछ मामले आ रहे हैं। मेरे पास आए मामले में महिला, इंदौर में है। पति से बात की तो उसने कहा कि अभी उनके पास सिलेंडर है और शायद ही सिगड़ी जलाने की नौबत आए। उसने पत्नी को समझाने के लिए यह बात की थी। मामले में समझाने पर महिला भी मान गई है। वहीं, दूसरे मामले में बहू और सास दोनों को समझाया है कि गैस की बचत करना हमेशा अच्छा ही होता है, लेकिन हर बात पर रोक-टोक भी सही नहीं है। दोनों मामलों में सुलह हो गई है।
शैल अवस्थी, काउंसलर