‘राम बोला’ के नाम पर दो फिल्में आमने-सामने, तुलसीदास की कहानी को लेकर छिड़ा टाइटल विवाद!

मुंबई। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने अपनी अगली फिल्म ‘राम बोला’ का ऐलान किया है। फिल्म की कहानी गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित बताई गई है। खास बात यह है कि इसी दिन निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी इसी नाम और विषय पर अपनी फिल्म की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों प्रोजेक्ट के बीच टाइटल को लेकर विवाद सामने आ गया। एक पक्ष का कहना है कि नाम पहले से उसके नाम पर दर्ज है, जबकि दूसरे पक्ष ने टाइटल के अधिकार अपने पास होने का दावा किया है। अब मामला राइटर एसोसिएशन और अदालत तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
एक नाम, दो फिल्में और शुरू हुआ विवाद
गणेश चतुर्थी के मौके पर ‘राम बोला’ नाम की दो फिल्मों की घोषणा ने सबका ध्यान खींच लिया। पहली फिल्म का निर्देशन डॉ. विशाल चतुर्वेदी कर रहे हैं और इसे महावीर जैन के प्रोडक्शन हाउस के साथ बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी फिल्म का लेखन और निर्देशन डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी करेंगे। इसके निर्माता मधु मंटेना और मंदिरा द्विवेदी बताए गए हैं।
महावीर जैन की टीम ने टाइटल पर क्या कहा
महावीर जैन से जुड़े एक करीबी सूत्र के अनुसार ‘राम बोला’ नाम विशाल चतुर्वेदी के नाम पर पहले से रजिस्टर्ड है। सूत्र का दावा है कि विशाल कुछ समय पहले तुलसीदास के जीवन पर फिल्म का विचार लेकर महावीर जैन के पास पहुंचे थे। इसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। इसी आधार पर फिल्म के अधिकार विशाल चतुर्वेदी और महावीर जैन प्रोडक्शन के पास होने की बात कही गई है।
चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी जताया अपना दावा
दूसरी ओर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने इस घोषणा पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ‘राम बोला’ टाइटल के अधिकार उनके पास हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से इस प्रोजेक्ट को लेकर महावीर जैन के साथ बातचीत चल रही थी। द्विवेदी के मुताबिक उन्होंने मार्च में फिल्म से जुड़ी जानकारी ईमेल के जरिए भेजी थी और करीब आठ मिनट का वीडियो भी साझा किया था।
अब राइटर एसोसिएशन और कोर्ट में होगा फैसला
चंद्रप्रकाश द्विवेदी का कहना है कि इस तरह की कहानी पर किसी एक व्यक्ति का पूरा अधिकार होने का दावा अलग विषय है लेकिन टाइटल और पहले हुई बातचीत की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मामले का फैसला फिल्म राइटर एसोसिएशन और जरूरत पड़ने पर अदालत में होगा। वहीं महावीर जैन से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से तत्काल कोई जवाब सामने नहीं आया।
‘राम बोला’ नाम क्यों है खास
गोस्वामी तुलसीदास का शुरुआती नाम रामबोला दुबे बताया जाता है। बाद में उन्होंने ‘रामचरितमानस’ जैसे प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की। उनके जीवन और आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी कई कथाएं भारतीय जनमानस में प्रचलित हैं। यही वजह है कि तुलसीदास पर बनने वाली फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी भी बढ़ी हुई है।
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‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद नया प्रोजेक्ट
विशाल चतुर्वेदी की पिछली फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और 2026 की चर्चित फिल्मों में अपनी जगह बनाई। इसी सफलता के बाद चतुर्वेदी और महावीर जैन की अगली फिल्म के तौर पर ‘राम बोला’ की घोषणा हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि टाइटल विवाद का अंतिम समाधान किसके पक्ष में जाता है।




















