12 रुपए फैट चाहिए, वरना दूध बंद! खिलचीपुर में किसानों ने खोला मोर्चा

खिलचीपुर क्षेत्र में दूध विक्रेताओं और किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार से नगर में दूध की बिक्री बंद रखने का निर्णय लिया है। दूध संगठन की मांग है कि किसानों को दूध का भाव कम से कम 12 रुपए फैट के हिसाब से दिया जाए। इसके अलावा भैंस के दूध का बाजार भाव 100 रुपए और गाय के दूध का भाव 80 रुपए प्रति लीटर किया जाए। इस संबंध में सोमवार को दूध व्यवसायियों और किसानों ने नाहरदा मंदिर में बैठक की। बैठक के बाद संगठन के लोगों ने रैली निकाली और एसडीएम ज्योति राजोरे को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत को भी ज्ञापन दिया गया।
अभी करीब 9 रुपए फैट और 40 से 50 रुपए लीटर मिल रहा भाव
संगठन से जुड़े किसान लाखन सिंह खिंची ने बताया कि वर्तमान में किसानों को करीब 9 रुपए फैट के हिसाब से दूध का दाम मिल रहा है। वहीं, दूध के लिए करीब 40 से 50 रुपए प्रति लीटर तक का भाव मिल रहा है। संगठन का कहना है कि मौजूदा भाव किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। दूध संगठन ने मांग की है कि दूध का भाव कम से कम 12 रुपए फैट किया जाए। इसके साथ ही भैंस के दूध का बाजार भाव 100 रुपए प्रति लीटर और गाय के दूध का बाजार भाव 80 रुपए प्रति लीटर किया जाए।
मंगलवार से नगर में दूध की बिक्री बंद रखने का निर्णय
दूध व्यवसायियों ने सामूहिक रूप से मंगलवार से खिलचीपुर नगर में दूध की बिक्री बंद रखने का निर्णय लिया है। संगठन की ओर से आंदोलन का समर्थन नहीं करने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है। संगठन के अनुसार, गांव से दूध लाकर नगर में बेचने पर 11 हजार रुपए और बिना अनुमति डेयरी खोलने पर 21 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
थाने में हुई नारेबाजी, थाना प्रभारी ने दी समझाइश
ज्ञापन सौंपने के दौरान दूध संगठन से जुड़े लोगों ने थाने में नारेबाजी भी की। इस दौरान थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने ग्रामीणों से आंदोलन शांतिपूर्वक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से उनके ही भाई-बंधु दूध बेचने के लिए नगर में आते हैं। ऐसे लोगों के साथ मारपीट, जोर-जबरदस्ती या किसी भी तरह का नुकसान नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि दूध नहीं ढोला जाए और अपनी मांगों को नियम-कायदे के दायरे में रखकर उठाया जाए।
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प्रशासन ने कानून हाथ में लेने पर कार्रवाई की बात कही
इसी दौरान एक किसान ने कहा कि लोगों से निवेदन करने के बाद भी यदि कोई दूध लेकर नगर में आएगा तो उसका दूध ढोल दिया जाएगा। इस पर एसडीएम ज्योति राजोरे और थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने स्पष्ट किया कि किसी के साथ मारपीट या नुकसान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूध संगठन अब अपनी मांगों को लेकर मंगलवार से नगर में दूध की बिक्री बंद रखने की तैयारी में है। ऐसे में खिलचीपुर में दूध की सप्लाई और बाजार में इसकी उपलब्धता पर असर पड़ने की स्थिति बन सकती है।




















