Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

UP News:चार साल बाद यूपी को मिल सकता है स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण रेस में सबसे आगे

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से स्थायी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है। मई 2022 के बाद से प्रदेश में किसी स्थायी डीजीपी की तैनाती नहीं हुई है और कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
चार साल बाद यूपी को मिल सकता है स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण रेस में सबसे आगे

उत्तर प्रदेश को करीब चार साल बाद स्थायी डीजीपी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे चल रहा है। यूपीएससी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। यदि नियुक्ति होती है। 

राजीव कृष्ण की दावेदारी सबसे मजबूत

वर्तमान में राजीव कृष्ण कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने 1 जून 2025 से यह पदभार ग्रहण किया था। प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में उनकी कार्यशैली को प्रभावी माना जाता है। इसी वजह से स्थायी डीजीपी की दौड़ में उनका नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद बंगाल में सियासी संग्राम, ममता ने बीजेपी को घेरा; कांग्रेस-सपा भी उतरी समर्थन में

चार वर्षों से खाली है स्थायी पद

प्रदेश में मई 2022 के बाद से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस दौरान कई अधिकारियों ने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभाई। लगातार अस्थायी व्यवस्था के चलते स्थायी नियुक्ति की मांग भी उठती रही। अब सरकार इस दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाती दिखाई दे रही है।

लंबा कार्यकाल मिलने की संभावना

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थायी डीजीपी को न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाता है। राजीव कृष्ण वर्ष 2029 में रिटायर्ड होने वाले हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति होने पर उन्हें अपेक्षाकृत लंबा कार्यकाल मिल सकता है। इससे पुलिस विभाग में नीतिगत निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें: भोपाल में टी. राजा की सभा पर विवाद: हाईकोर्ट ने तत्काल राहत से किया इनकार, सरकार से मांगा जवाब

कई वरिष्ठ अधिकारी भी थे रेस में

स्थायी डीजीपी पद के लिए अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भी चर्चा में रहे हैं। इनमें 1990 बैच की रेणुका मिश्रा और 1991 बैच के आलोक शर्मा और पीयूष आनंद शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि दोनों अधिकारी वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इससे चयन प्रक्रिया और भी दिलचस्प बन गई है।

UPSC पैनल को भेजे गए 3 नाम

स्थायी डीजीपी के चयन को लेकर हाल ही में यूपीएससी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। यूपीएससी वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर उम्मीदवारों का पैनल तैयार करती है। इसके बाद अंतिम सूची राज्य सरकार को भेजी जाती है। नियुक्ति का आखिरी निर्णय प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में होता है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Latest Posts