अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: भरतपुर में पूर्व विधायक पर 70-80 लोगों का हमला, दो साल पुराने खनन विवाद की जांच

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में पूर्व विधायक और बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वैर थाना क्षेत्र के भौंडा-रायपुर गांव के पास क्रशर प्लांट पर हुए हमले में 68 वर्षीय भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में दौसा जिले के महुआ के पास उनकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, क्रशर प्लांट और माइनिंग लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच करीब दो साल से विवाद चल रहा था। रविवार, 11 अक्टूबर को यह विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया।
70-80 लोगों की भीड़ पहुंची क्रशर प्लांट
जानकारी के मुताबिक, अतर सिंह भड़ाना रविवार शाम करीब 6:30 बजे भौंडा गांव स्थित अपने क्रशर प्लांट पर पहुंचे थे। उस समय पहाड़ी पर खनन का काम चल रहा था। इसी दौरान करीब 70 से 80 लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद मारपीट और पथराव शुरू हो गया। इस दौरान लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। भड़ाना की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
दो साल पुराना खनन विवाद बना हिंसा की वजह?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्रशर प्लांट पर ऐसा क्या विवाद था, जो हिंसक संघर्ष तक पहुंच गया? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों और क्रशर संचालक पक्ष के बीच खनन गतिविधियों तथा माइनिंग लीज तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों की ओर से खनन कार्य का विरोध किए जाने और पहले भी विवाद होने की बात सामने आई है।
मौत की असली वजह क्या थी?
अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद गोली चलने को लेकर भी सवाल उठे। उनकी पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनके पति पर गोली चलाई गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गोली लगने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, भड़ाना की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि शरीर पर गंभीर चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने से हुई। इस मामले में मौत की परिस्थितियों को समझने के लिए मेडिकल जांच और पुलिस की पड़ताल महत्वपूर्ण है। शरीर पर लगी चोटों की प्रकृति, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और गवाहों के बयान जांच की दिशा तय करेंगे।
जयपुर पहुंचने से पहले महुआ के पास तोड़ा दम
हमले में गंभीर रूप से घायल अतर सिंह भड़ाना को पहले वैर उपजिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन उन्हें जयपुर ले जाते समय दौसा जिले के महुआ के पास उनकी मौत हो गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई। परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पाली गांव ले जाया जाना था, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कौन थे अतर सिंह भड़ाना?
अतर सिंह भड़ाना राजस्थान की राजनीति में पूर्व विधायक और बीजेपी नेता के रूप में पहचाने जाते थे। वे मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे और उन्होंने राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाया था। भरतपुर के गुर्जर बहुल इलाकों में उनकी राजनीतिक पहचान रही। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर शोक और चिंता का माहौल बन गया।
भौंडा गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई, पुलिस जांच में जुटी
हमले के बाद क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए भौंडा गांव और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले से जुड़े लोगों के बयान और घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान इन सवालों के जवाब अहम होंगे- क्रशर प्लांट पर विवाद किस बात को लेकर बढ़ा? हमला किसने शुरू किया और उसमें कौन-कौन शामिल था? क्या घटना से पहले किसी तरह की शिकायत या चेतावनी दी गई थी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल, पुलिस के सामने घटना की पूरी कड़ी जोड़ने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका निर्धारित करने की चुनौती है।



















