रायसेन जेल में राखी का भावुक पर्व, बंदियों की कलाई पर सजा बहनों का प्यार; पौधे देकर दिया हरित संदेश

रायसेन। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर जिला जेल रायसेन में 28 अगस्त को बंदियों के लिए विशेष राखी कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन अनिल कुमार सोहाने के मार्गदर्शन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर्षिणी यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके परिवार एवं समाज से जोड़ना तथा उनमें सकारात्मक सोच और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देना रहा।
रिश्तों के महत्व का अहसास
कार्यक्रम के दौरान बंदियों के परिजनों ने जेल पहुंचकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। लंबे समय बाद परिवार के सदस्यों से मिले बंदियों के बीच भावुकता और आत्मीयता का माहौल दिखाई दिया। भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक जुड़ाव से जुड़े इस आयोजन ने बंदियों को सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्तों के महत्व का अहसास कराया।
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बहनों को पौधे भेंट कर दिया हरित संदेश
राखी कार्यक्रम में बंदियों ने अपनी बहनों एवं उपस्थित परिजनों को भेंट स्वरूप पौधे प्रदान किए। पौधे भेंट करने की इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पारिवारिक भावनाओं के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण को जोड़ते हुए समाज के प्रति सकारात्मक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला जेल अधीक्षक आरके चौरे के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बंदियों को विधिक सेवाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान बंदियों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न विधिक सेवाओं एवं सहायता के बारे में भी बताया गया। जिला जेल प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय से आयोजित यह कार्यक्रम केवल रक्षाबंधन पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से बंदियों में पारिवारिक जुड़ाव, सद्भावना, सकारात्मक सोच और सामाजिक पुनर्वास की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया में परिवार का भावनात्मक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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