सीहोर: सागौन लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, पिकअप जब्त; आरोपी गिरफ्तार

सीहोर। वन विभाग को क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद रेहटी वन परिक्षेत्र के अमले ने बायां नाके पर निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी थी। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन क्रमांक MP05LA1593 नाके पर पहुंचा। वन कर्मियों को वाहन पर संदेह हुआ और उसे रोकने का इशारा किया गया।
इशारा मिलते ही चालक ने बढ़ाई रफ्तार
वन अमले के रुकने के संकेत को नजरअंदाज करते हुए चालक ने वाहन की रफ्तार अचानक बढ़ा दी। वह नाका पार कर भागने लगा। स्थिति को भांपते हुए वन कर्मियों ने भी बिना देर किए वाहन का पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद टीम ने आंवली घाट पुल के आसपास घेराबंदी कर दी।
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आंवली घाट पर घेराबंदी, वाहन सहित आरोपी पकड़ा
वन अमले की रणनीति काम आई और भाग रहे वाहन को आंवली घाट पुल के पास रोक लिया गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसके अंदर सागौन की इमारती लकड़ी मिली। जांच में लकड़ी से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके बाद वन विभाग ने लकड़ी और वाहन को जब्त कर लिया।
10 नग सागौन, 1 लाख 20 हजार की आंकी जा रही कीमत
वन विभाग के अनुसार वाहन से 10 नग अवैध सागौन इमारती लकड़ी बरामद हुई है। इसका कुल आयतन 0.423 घन मीटर बताया गया है। जब्त सागौन और वाहन की अनुमानित कुल कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपए आंकी जा रही है। जंगल से निकलने वाली बेशकीमती सागौन को अवैध तरीके से बाजार तक पहुंचाने की कोशिश को इस कार्रवाई से बड़ा झटका लगा है।
पूछताछ में सामने आया आरोपी का नाम
वाहन चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी ने अपना नाम भूपेंद्र कुमार बरेले, पिता स्वर्गीय रामगोपाल, निवासी रसुलियां, इटारसी रोड, नर्मदापुरम बताया। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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वनकर्मियों की सतर्कता से पकड़ा गया तस्कर
पूरी कार्रवाई में बीट गार्ड नवीन कुमार सिंह (बायां) के साथ सुरक्षा श्रमिक मंगल सिंह, महेश किर, शेरनी सिंह और भगवान सिंह की सक्रिय भूमिका रही। नाके पर संदिग्ध वाहन को पहचानने से लेकर उसका पीछा करने और आंवली घाट पर घेराबंदी तक वन अमले ने तेजी से कार्रवाई की।




















