हरदा जेल में रक्षाबंधन पर भावुक हुए भाई-बहन, बहनों ने उपहार नहीं अपराध से दूर रहने का लिया वचन

हरदा। रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को जिलेभर में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा, वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार दिए। इसी बीच हरदा जिला जेल में रक्षाबंधन का पर्व भावुक माहौल में मनाया गया। दूरदराज गांवों से बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। लंबे समय बाद मुलाकात के इस अवसर पर भाइयों के चेहरे पर खुशी नजर आई, जबकि बहनें आशीर्वाद देते समय भावुक हो गईं।
मिठाई खिलाकर लिया अपराध से दूर रहने का वचन
रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने पहले से विशेष इंतजाम किए थे। बहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जेल में प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले बाहर बने काउंटर पर मिठाई और अन्य सामग्री की जांच की गई। इसके बाद बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। खास बात यह रही कि कई बहनों ने भाइयों से उपहार लेने के बजाय भविष्य में किसी भी गलत काम से दूर रहने का वचन लिया। बंदियों ने भी बहनों से वादा किया कि जेल से बाहर आने के बाद अपराध का रास्ता छोड़कर नई जिंदगी शुरू करेंगे।
ब्रह्माकुमारीज ने भी बांधे रक्षासूत्र
जेलर दिलीप सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंच रही हैं और उनसे गलत काम नहीं करने का वचन ले रही हैं। इससे एक दिन पहले ब्रह्माकुमारीज की ओर से भी जेल में राखी उत्सव आयोजित किया गया था। बीके किरण बहन और बीके राजेश कुमार ने समाजसेवी उषा गोयल के साथ बंदियों को रक्षासूत्र बांधे। इस दौरान बंदियों ने भविष्य में कोई गलत काम नहीं करने और बेहतर जीवन जीने का संकल्प दोहराया। आयोजन ने रक्षाबंधन को पारिवारिक प्रेम के साथ सुधार और नई शुरुआत के संदेश से जोड़ दिया।
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