रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राज्य GST विभाग ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की। विभाग की टीम ने यहां संचालित लक्ष्मी कमर्शियल और SRS ट्रेडर्स नाम की फर्मों पर एक साथ दबिश दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, GST चोरी और बोगस बिलिंग की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि, करीब 10 अधिकारियों की टीम इस जांच में शामिल है और दोनों फर्मों से जुड़े चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध बिल, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया गया है, जिसकी फिलहाल गहन जांच चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य GST विभाग को इन फर्मों के खिलाफ फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी की शिकायत मिली थी। इसी आधार पर विभाग ने जांच शुरू की और गुरुवार सुबह टीम ने अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनमें संदिग्ध बिलिंग और असामान्य ट्रांजेक्शन पैटर्न दिखाई दे रहे हैं। विभाग ने इन दस्तावेजों के साथ-साथ कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं ताकि डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सके।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि, इन फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा सकती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है, इसलिए अंतिम खुलासा दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही किया जाएगा।
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GST विभाग की टीम ने इस कार्रवाई को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, जांच टीम ने एक ही समय में दोनों फर्मों से जुड़े चार अलग-अलग लोकेशन पर जांच शुरू की। इस तरह की कार्रवाई का मकसद यह होता है कि किसी भी तरह के दस्तावेज छिपाने या डिजिटल डेटा हटाने की संभावना को रोका जा सके। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की और संबंधित दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया।
छापेमारी के दौरान टीम को कई ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जो संदेह के दायरे में हैं। इनमें बड़ी संख्या में संदिग्ध बिल, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री, कंप्यूटर-डिजिटल स्टोरेज डेटा और व्यापार से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजों और डिजिटल डेटा को जब्त कर लिया गया है और अब इनका डिटेल एनालिसिस किया जाएगा। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि टैक्स चोरी की राशि कितनी है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
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पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में GST चोरी और फर्जी बिलिंग के मामलों में तेजी आई है। कई कारोबारी फर्जी कंपनियां बनाकर या बिना वास्तविक लेन-देन के बिल जारी कर टैक्स लाभ लेने की कोशिश करते हैं। इसी कारण राज्य कर (GST) विभाग ने अपनी निगरानी काफी बढ़ा दी है। विभाग अब संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए डेटा एनालिटिक्स और सर्विलांस टूल्स का उपयोग कर रहा है। इन तकनीकों की मदद से विभाग को यह पता लगाने में आसानी होती है कि कौन-सी फर्में असामान्य बिलिंग पैटर्न, फर्जी ई-वे बिल या इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दुरुपयोग में शामिल हो सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, फर्जी बिलिंग का तरीका कुछ इस तरह काम करता है-
इस तरह की गतिविधियों से सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान होता है।
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GST विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य सरकार इस तरह के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। अगर जांच में टैक्स चोरी या फर्जी बिलिंग साबित होती है तो संबंधित फर्मों पर-
अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। विभाग का कहना है कि, जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, शुरुआती संकेतों से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस मामले में बड़े स्तर पर टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।
GST विभाग की यह कार्रवाई रायपुर के व्यापारिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि, जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी कई नाम सामने आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह राज्य में GST चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है। फिलहाल विभाग की टीम लगातार दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।