अच्छी सुविधा : EPFO से अब पेंशन, एडवांस क्लेम केसों में पहली बार क्रांतिकारी बदलाव

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में अब दावे निपटाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। जल्द ही एक नया सॉफ्टवेयर लॉन्च होने वाला है। इससे क्लेम निपटाने में 20 की बजाए सिर्फ तीन दिन लगेंगे।
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EPFO से अब पेंशन, एडवांस क्लेम केसों में पहली बार क्रांतिकारी बदलाव

राजीव सोनी, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में अब जल्दी ही क्लेम सिस्टम की प्रक्रिया को फास्ट हो जाएगी। एडवांस, पेंशन और मृत्यु प्रकरणों के क्लेम सेटलमेंट अब महज 3 दिन में ही क्लियर होने लगेंगे। इसके लिए ईपीएफओ नया सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। इससे देश के करोड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी जो क्लेम सेटल होने में औसत तीन सप्ताह लग जाते हैं उनकी प्रोसेस तीन दिन में ही पूरी हो जाएगी।

हाईटेक सिस्टम का ट्रायल रन

प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस प्रोजेक्ट में काफी दिलचस्पी ले रहा है। इसलिए विभाग में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। सॉफ्टवेयर की लॉन्चिंग बड़े स्तर पर होगी, इसके लिए विभाग ने विशेषज्ञों की टीम को तैनात किया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अत्याधुनिक हाईटेक सिस्टम लागू करने के लिए ट्रायल रन चल रहा है।

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ईपीएफओ का घटेगा टेंशन, नहीं रहेगा मानवीय हस्तक्षेप

सॉफ्टवेयर 3.0 के लॉन्च होने के बाद ईपीएफओ की प्रक्रिया में पहली बार क्रांतिकारी बदलाव दिखाई देगा। इसके अलावा ईपीएफओ का टेंशन भी कम हो जाएगा। बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के फाइल प्रोसेस होने लगेगी। अभी फार्म क्रमांक 19/13/20 और एडवांस फार्म क्रमांक 31 की प्रोसेसिंग में औसतन 20-21 दिन का समय लग जाता है। नए सिस्टम के बाद प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

सदस्यों को एटीएम और यूपीआई सुविधा पर मंथन

नए सॉफ्टवेयर 3.0 के लॉन्च होते ही एटीएम और यूपीआई के जरिए भी पीएफ का पैसा निकालने की सुविधा मिल सकती है। इस बारे में विभागीय स्तर पर विचार मंथन का दौर चल रहा है। इसके लिए ईपीएफओ को अपने सदस्यों को विशेष एटीएम कार्ड एलाट करना होंगे। यूपीआई सुविधा मोबाइल से ऑपरेट करने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करना होंगीं।

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क्लेम प्रकरणों की स्क्रूटनी में लगता है ज्यादा समय 

बताया जाता है कि विभाग के स्टाफ का काफी समय क्लेम संबंधी मामलों की स्क्रूटनी में ही निकल जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि खाते में पैसा नहीं है और कर्मचारी एडवांस के लिए क्लेम कर देते हैं। ऐसी स्थिति में विभाग को प्रकरण की जांच और उसे रिजेक्ट करने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में अनावश्यक समय जाया होता है।

सर्वर पर घटेगा लोड, अपात्र मामले रुकेंगे

ईपीएफओ के सामने अभी देश भर के राज्यों से ऐसे क्लेम प्रकरण भी आते हैं जिनमें सदस्य के एकाउंट में जीरो बैलेंस रहता है लेकिन वह पैसा क्लेम कर देता है। दस हजार रुपए खाते में हैं और फार्म में 50 हजार रुपए का क्लेम प्रोसेस कर दिया जाता है। नए सॉफ्टवेयर में यह व्यवस्था रहेगी कि ऐसे मामलों को पहली स्टेज पर रोक दिया जाएगा। सर्वर पर लोड भी कम हो जाएगा। 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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