गेहूं खरीदी केंद्रों के हाल बेहाल:धूप से बचने के लिए ट्रॉलियों के नीचे लेटकर बारी का इंतजार कर रहे किसान

ब्रजेंद्र वर्मा, भोपाल। जिले के गेहूं उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी के बीच किसान घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कहीं बैठने के लिए शेड नहीं है तो कहीं पीने के ठंडे पानी तक की व्यवस्था नहीं मिल रही। हालात ऐसे हैं कि किसान तेज धूप से बचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के नीचे लेटकर समय काट रहे हैं। शासन की ओर से खरीदी केंद्रों पर शेड, कुर्सियां, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आई।

जांच टीमों का भी नहीं दिखा असर
पीपुल्स समाचार ने सोमवार को कोलार गोल जोड़ से मंडीदीप मार्ग तक स्थित दो खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। केंद्रों पर न तो खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी निरीक्षण करते दिखे और न ही प्रशासन की जांच टीमें नजर आईं।
ट्रॉली के नीचे सोते मिले किसान
सहकारी केंद्र शोभापुर जहेज-अन्नापूर्णा वेयर हाउस पर खरीदी केंद्र के बाहर कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में किसान गेहूं लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। केंद्र पर किसानों के बैठने के लिए न कोई टीन शेड था और न ही कुर्सियों की व्यवस्था। भीषण गर्मी में किसान ट्रैक्टरों पर बैठकर या ट्रॉली के नीचे लेटकर समय काटते नजर आए। पीने के पानी के लिए सिर्फ एक टंकी रखी गई थी, लेकिन उसमें ठंडा पानी नहीं था। केंद्र पर मौजूद हम्मालों ने बताया कि पानी के मटके रखे गए हैं लेकिन एक बार खाली होने के बाद दिनभर दोबारा नहीं भरे जाते। वहीं दूसरी ओर कई क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा मिला। कई बोरे भी बिना किसी सुरक्षा के बाहर रखे गए थे। बारिश होने की स्थिति में अनाज खराब होने का खतरा बना हुआ है।
सिर्फ नाम के लिए लगाया गया टेंट
देवश्री लॉजिस्टिक, कोटरा गांव के यहां समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जा रही थी। किसान सुबह से स्लॉट लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कर्मचारी किसानों को शाम तक इंतजार करने की बात कह रहे थे। केंद्र के बाहर सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए एक छोटा टेंट लगाया गया था लेकिन वहां न बैठने के लिए कुर्सियां थीं और न पंखों की व्यवस्था। तेज धूप में किसान पेड़ों की छांव तलाशते नजर आए लेकिन आसपास कोई ऐसा स्थान नहीं था जहां बैठकर राहत मिल सके। पानी की टंकी तो रखी थी लेकिन उसमें भी ठंडा पानी नहीं था।

किसानों का दर्द- सुबह 7 बजे से इंतजार कर रहा हूं
इनायतपुर गांव के किसान जहीर खान ने बताया कि वह सुबह 8 बजे ही गेहूं लेकर खरीदी केंद्र पहुंच गए थे लेकिन घंटों बाद भी नंबर नहीं आया। उन्होंने कहा कि बैठने की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें ट्रैक्टर पर ही बैठना पड़ रहा है।
गर्मी से बचने ट्रॉली के नीचे बैठा हूं
दौलतपुर गांव के किसान राजकुमार धुर्वे ने बताया कि तेज गर्मी के कारण ट्रॉली के नीचे बैठकर समय बिताना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह 8 बजे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दोपहर तक भी गेहूं की तुलाई नहीं हो सकी।
संचालक बोले- व्यवस्थाएं पूरी हैं
अन्नापूर्णा वेयर हाउस के संचालक ब्रह्मराव ने कहा कि केंद्र पर पानी और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उनके मुताबिक गेहूं की तुलाई के बाद तुरंत उसे वेयर हाउस में रखवाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बारिश की स्थिति में त्रिपाल की व्यवस्था भी की गई है और शासन के निर्देशों का पालन हो रहा है।
शिकायत मिलते ही कार्रवाई का दावा
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने कहा कि किसानों की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि तौल कांटों और बारदानों की कमी दूर की जा रही है और अलग-अलग केंद्रों का निरीक्षण जारी है।
कलेक्टर बोले- कमियां दूर करने दिए निर्देश
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि उन्होंने बैरसिया रोड स्थित एक खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया था और जो कमियां मिली थीं उन्हें सुधारने के निर्देश तत्काल दिए गए थे। उन्होंने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जारी है और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
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जिले में खरीदी की स्थिति
- 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू
- 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी
- भोपाल जिले में कुल 93 खरीदी केंद्र संचालित
ये सुविधाएं अब भी नदारद
- कई केंद्रों पर शौचालय की व्यवस्था नहीं
- पानी और नाश्ते की सुविधा अधूरी
- बैठने के लिए कुर्सियां और शेड नहीं
- तौल कांटों की कमी अब भी बनी हुई
- बारदानों की आपूर्ति पूरी तरह व्यवस्थित नहीं
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