Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

संसद में राहुल गांधी का हमला!बोले– 'विपक्ष को नहीं दिया जाता बोलने'

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार और सदन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला।
बोले– 'विपक्ष को नहीं दिया जाता बोलने'
social media
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    संसद का बजट सत्र अपने दूसरे चरण में प्रवेश करते ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बुधवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी सरकार और सदन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। तो वहीं सूत्रों के मुताबिक, इस बहस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे में आज लोकसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है।

    यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट जंग पर संसद में हंगामा! संसद में क्या बोले विदेश मंत्री एस. जयशंकर?

    विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय में सदन की कार्यवाही ऐसे चल रही है जिसमें विपक्ष के नेताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता। उनका कहना था कि संसद की परंपरा रही है कि विपक्ष की आवाज सुनी जाती है, लेकिन अब कई बार विपक्ष के नेताओं को बीच में रोक दिया जाता है। संसद का नियम सभी एक हो।

    यह भी पढ़ें: कांग्रेस का तीखा हमला... कहा-भाजपा ने नीतीश कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर लिया

    कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि कई मौकों पर नेता विपक्ष को भी अपनी बात पूरी करने का मौका नहीं दिया गया। इसी मुद्दे को आधार बनाकर विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है।

    118 सांसदों ने किया प्रस्ताव का समर्थन

    विपक्ष ने फरवरी 2026 में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर कुल 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे।

    विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष तरीके से नहीं चलाया। विपक्षी दलों का कहना है कि कई मौकों पर उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया और कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया। उनका आरोप है कि पिछले कुछ समय में सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की गई है।

    सरकार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

    वहीं सरकार ने विपक्ष के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला ने हमेशा अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन किया है और सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार ही संचालित की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले इस मुद्दे पर अपना पक्ष साफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि ओम बिरला ने हमेशा सभी दलों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए काम किया है।

    मंगलवार को सदन में हुआ था भारी हंगामा

    मंगलवार को भी लोकसभा में इस मुद्दे को लेकर काफी तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिसके कारण कई बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

    विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार स्पीकर को सरकार की आवाज बनाकर इस्तेमाल कर रही है। दूसरी ओर, सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर सदन का समय बर्बाद कर रहा है।

    इस दौरान कई विपक्षी सांसदों ने संसदीय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। लगातार हंगामे के कारण अध्यक्षीय पीठ पर बैठे जगदंबिका पाल को कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    10 घंटे की बहस के बाद होगी वोटिंग

    लोकसभा सचिवालय के अनुसार, इस अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 10 घंटे की चर्चा तय की गई है। चर्चा पूरी होने के बाद सदन में वोटिंग कराई जाएगी।

    इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए विपक्ष को Simple Majority की जरूरत होगी। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह आसान नहीं माना जा रहा है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    Latest Posts