पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से जुड़े हालिया घटनाक्रम से कांग्रेस को कोई आश्चर्य नहीं है। राजेश राम ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता के जनादेश से नहीं बल्कि वोट चोरी के सहारे बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा लंबे समय से पर्दे के पीछे से ऐसी साजिश रच रही थी, जिससे अंततः नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका कमजोर हो जाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, भाजपा की राजनीति हमेशा सहयोगी दलों को कमजोर करने और उन्हें समाप्त करने की रही है।
राजेश राम ने एक तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने अब नीतीश कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर लिया है। उनका कहना था कि जो नीतीश कुमार कभी समाजवादी विचारधारा की लड़ाई लड़ते थे, आज वही नेता भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे के सामने झुकते नजर आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि नीतीश कुमार अपने ही कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। राजेश राम के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड और भाजपा का गठबंधन पूरी तरह बेमेल है और यह राज्य के लोगों के हितों के खिलाफ काम कर रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की रणनीति हमेशा अपने सहयोगी दलों को कमजोर करने की रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर मूल शिवसेना को कमजोर किया गया। इसी तरह शिरोमणि अकाली दल और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जैसे दलों को भी तोड़ने की कोशिश की गई। राजेश राम ने दावा किया कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को धीरे-धीरे समाप्त करने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भाजपा का अगला निशाना आंध्र प्रदेश के नेता एन. चंद्रबाबू नायडू भी हो सकते हैं।
हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार को लेकर लगातार चर्चाएं तेज रही हैं। राज्य में भाजपा और जदयू के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगती रही हैं। कभी यह कहा जाता है कि गठबंधन के भीतर खींचतान है, तो कभी यह चर्चा होती है कि नेतृत्व को लेकर दोनों दलों में मतभेद बढ़ रहे हैं। इसी बीच विपक्षी दलों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि भाजपा धीरे-धीरे जदयू की राजनीतिक ताकत को कम करने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर जदयू नेता बार-बार यह कह रहे हैं कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और सरकार स्थिर तरीके से काम कर रही है।