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राहुल-प्रियंका का गांधी स्मृति मार्च,विपक्षी दल भी साथ; बोले- छात्रों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं, शिक्षा मंत्री हटें

नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने गांधी स्मृति तक मार्च किया। राहुल गांधी ने छात्रों पर कार्रवाई का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री से माफी की मांग दोहराई।
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विपक्षी दल भी साथ; बोले- छात्रों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं, शिक्षा मंत्री हटें
छात्रों पर अत्याचार के विरोध में राहुल और प्रियंका गांधी ने गांधी स्मृति मार्च का नेतृत्व किया, जिसमें कई विपक्षी दल भी उनके साथ खड़े रहे।

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर सियासी घमासान के बीच गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ गांधी स्मृति तक मार्च निकाला। इस दौरान शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), तृणमूल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राजद, वाम दल, समाजवादी पार्टी और आईयूएमएल के सांसद भी उनके साथ मौजूद रहे। मार्च शुरू होने से पहले राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी सांसदों की बैठक हुई। इसके बाद सभी नेता बस से गांधी स्मृति (पूर्व बिड़ला हाउस) के लिए रवाना हुए। रास्ते में पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग और बसों की व्यवस्था की थी। कुछ देर के लिए मार्च रोका गया, लेकिन बाद में आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।

राहुल गांधी बोले- छात्रों के साथ खड़ा है विपक्ष

गांधी स्मृति पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक के चलते जिन छात्रों को खो दिया है, हम उन्हें याद करने आए हैं। हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों ने भी सड़क पर उतरने का फैसला किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है। छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है और उन्हें पीटा जा रहा है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना चाहिए और छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

गांधी स्मृति में दी श्रद्धांजलि, मोबाइल टॉर्च जलाकर जताया विरोध

मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने गांधी स्मृति पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभी सांसदों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि छात्र आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। वहीं कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि सरकार संवाद करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

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दो दिन पहले पीएम आवास तक किया था मार्च

इससे पहले 21 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन के अवसर पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया था। उस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया था और कई नेताओं को हिरासत में भी लिया गया था। राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि देश में 152 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग दोहराई।

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गांधी स्मृति का ऐतिहासिक महत्व

गांधी स्मृति, जिसे पहले बिड़ला हाउस के नाम से जाना जाता था, वही स्थान है जहां महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम 144 दिन बिताए थे। 30 जनवरी 1948 को यहीं प्रार्थना सभा के लिए जाते समय उनकी हत्या कर दी गई थी। इसी ऐतिहासिक स्थल को विपक्ष ने अपने विरोध प्रदर्शन के लिए चुना।

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By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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