Rahul Gandhi Protest:राहुल गांधी ने रिहा होते ही सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगें, अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कुछ घंटों बाद रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर प्रदर्शन की वजह बताई और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं केंद्र सरकार ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
क्यों हुआ प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन?
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं पर सदन में चर्चा कराने की मांग की थी। राहुल के मुताबिक, स्पीकर ने कहा कि इस पर सरकार से बात करनी होगी। राहुल का आरोप है कि इससे साफ हो गया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती। इसी कारण विपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला लिया, ताकि छात्रों की आवाज पूरे देश तक पहुंच सके।
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राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया
मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग) की ओर मार्च निकाला। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में रखा गया। बाद में अन्य नेताओं को भी अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। करीब रात 9 बजे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रिहा कर दिया गया।
सोनिया गांधी भी पहुंचीं पुलिस थाने
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत की खबर मिलते ही कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी मंदिर मार्ग पुलिस थाने पहुंचीं। उन्होंने नेताओं से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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रिहाई के बाद राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगें
रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पांच प्रमुख मांगें कीं।
- केंद्रीय मंत्रियों का इस्तीफा- राहुल गांधी ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई- उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की या बदसलूकी की, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- छात्रों पर दर्ज सभी केस वापस हों- राहुल गांधी ने मांग की कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
- संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए- उन्होंने कहा कि NEET विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में तुरंत चर्चा होनी चाहिए।
- शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जाएं- राहुल गांधी ने कहा कि देश में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं। इसलिए परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में जल्द से जल्द बड़े सुधार किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
प्रधानमंत्री से मांगी माफी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
राहुल गांधी ने सरकार से पूछे कई सवाल
रिहाई के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? उन्होंने पूछा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर क्यों हो रही है? हर साल परीक्षा में गड़बड़ियां क्यों सामने आती हैं? पढ़ाई इतनी महंगी क्यों हो गई है कि परिवारों को अपनी पूरी जमा-पूंजी खर्च करनी पड़ रही है? छात्रों की आवाज उठाने वालों को हिरासत में क्यों लिया जा रहा है? राहुल गांधी ने कहा कि ये सवाल देश के लाखों छात्रों और उनके परिवारों के हैं, इसलिए सरकार को इनके जवाब देने चाहिए।
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सरकार ने कांग्रेस पर लगाए राजनीति करने के आरोप
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्र सरकार ने भी जवाब दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस समाधान निकालने के बजाय केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले संसद में चर्चा की मांग कर रहे थे, लेकिन अब मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी किया पलटवार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में NEET मामले पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस चर्चा से ज्यादा राजनीतिक प्रदर्शन करने में रुचि दिखा रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
सड़क से संसद तक पहुंचा NEET विवाद
NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। एक ओर विपक्ष छात्रों के समर्थन में सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा और सुधार दोनों के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है। फिलहाल NEET विवाद केवल छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन चुका है।











