साहूकारों पर हत्या का केस दर्ज हो ;एफआईआर में देरी करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी हो कार्रवाई : रघु ठाकुर
भिंड/ग्वालियर। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के राष्ट्रीय संरक्षक एवं प्रख्यात समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने ग्वालियर-चंबल अंचल के दो दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार, पुलिस प्रशासन और केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अवैध साहूकारी, पुलिस की कार्यप्रणाली, भिंड-महोबा रेल लाइन, भिंड को रेलवे जंक्शन बनाने, गोहद स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव, ग्वालियर-भिंड-इटावा फोरलेन मार्ग, किसानों की मूंग खरीदी, पेपर लीक प्रकरण तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के मुद्दे उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिए तो लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी चरणबद्ध जनआंदोलन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर भिंड बंद का भी आह्वान किया जाएगा।
तिलक सिंह राणा आत्महत्या प्रकरण में भी उठाई कार्रवाई की मांग
रघु ठाकुर ने ग्वालियर निवासी स्वर्गीय तिलक सिंह राणा की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि मृतक के परिजनों ने उन्हें लिखित सुसाइड नोट उपलब्ध कराया है। उन्होंने दावा किया कि सुसाइड नोट में अवैध साहूकारों द्वारा लगातार आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख किया गया है। उनका कहना था कि यदि किसी व्यक्ति को अवैध वसूली, धमकियों और प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करनी पड़ती है तो यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में बड़ी संख्या में ऐसे साहूकार सक्रिय हैं, जिनके पास न तो वैध लाइसेंस है और न ही कोई पंजीयन, लेकिन वे मनमाने ब्याज पर पैसा देकर लोगों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
SP से तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की
रघु ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह से मांग की कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषी साहूकारों के विरुद्ध कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाए। साथ ही एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। जांच के बाद यदि आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो अंतिम प्रतिवेदन (एफआर) लगाया जा सकता है, लेकिन एफआईआर दर्ज करने से बचना कानून का उल्लंघन है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई थानों में शिकायतकर्ता की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय केवल आवेदन लेकर कार्रवाई टालने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। इससे आम नागरिक का कानून और पुलिस व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो रहा है। आगे उनका कहना है कि हाल ही में आगरा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के साथ जीआरपी एवं आरपीएफ कर्मियों द्वारा कथित मारपीट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं पुलिस व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
भिंड-महोबा रेल लाइन पर सरकार को घेरा
रेल परियोजना पर बोलते हुए श्री रघु ठाकुर ने कहा कि भिंड-महोबा रेल लाइन वर्षों से जनता की मांग रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में तत्कालीन रेल राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा ने सार्वजनिक मंच से इस रेल लाइन की स्वीकृति की घोषणा की थी, जिसकी उस समय मीडिया के माध्यम से व्यापक चर्चा भी हुई थी।
उन्होंने कहा कि यदि स्वीकृति मिल चुकी थी तो 12 वर्ष बाद केवल डीपीआर तैयार होने की बात करना जनता को गुमराह करने के समान है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब डीपीआर का अर्थ "डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट" नहीं बल्कि "डिले प्रोजेक्ट रिपोर्ट" हो गया है, क्योंकि सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने के बजाय लगातार टाल रही है।
भिंड को रेलवे जंक्शन बनाने की मांग दोहराई
रघु ठाकुर ने कहा कि भिंड रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाने में भूमि की कमी का तर्क स्वीकार्य नहीं है। यदि अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है तो रेलवे अधिनियम एवं भूमि अधिग्रहण कानून के तहत उचित मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है, इसलिए भिंड के मामले में जमीन का बहाना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भिंड-ग्वालियर रेलखंड के कई छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव है, लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक होने के बावजूद गोहद रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त रेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने झांसी-इटावा लिंक एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का गोहद में नियमित ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की।
मूंग खरीदी में लापरवाही का आरोप
रघु ठाकुर ने कहा कि सरकार ने इस वर्ष मूंग का समर्थन मूल्य घोषित तो कर दिया, लेकिन जिन जिलों में बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ है वहां खरीदी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर और हरदा सहित कई जिलों में किसान आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने अब तक पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं कराया है।
उन्होंने कहा कि किसानों की मूंग घरों में रखी हुई है और लगातार बारिश के कारण खराब होने का खतरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव से तत्काल खरीदी केंद्र शुरू करने, पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने और किसानों के खातों में सीधे भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
दिल्ली के अनशन और पेपर लीक आंदोलन पर टिप्पणी
पत्रकारों के सवालों के जवाब में रघु ठाकुर ने दिल्ली में चल रहे एक अनशन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि कुछ कॉरपोरेट ताकतें वास्तविक जनआंदोलनों को कमजोर करने और जनता के आक्रोश को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2010 के अन्ना आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन कृत्रिम नायक खड़े कर वास्तविक वैचारिक आंदोलनों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने सबसे पहले विरोध प्रदर्शन किया, प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग उठाई थी। उनका आरोप था कि जब विपक्षी दल लगातार संघर्ष कर रहे थे, तब कई लोग विदेशों में थे और अब मीडिया के माध्यम से आंदोलन का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्वालियर-भिंड-इटावा फोरलेन सड़क शीघ्र बनें
रघु ठाकुर ने कहा कि ग्वालियर-भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दुर्घटनाओं के कारण "मौत का मार्ग" बन चुका है। इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एलिवेटेड अथवा फ्लाईओवर आधारित फोरलेन सड़क का निर्माण करना चाहिए, जिससे भूमि अधिग्रहण कम होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
दुर्घटना पीड़ितों पर लाठीचार्ज की निंदा
उन्होंने हाल ही में सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों के प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उन्हें न्याय देने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया और 21 लोगों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के आंदोलनों में पुलिस नरम रुख अपनाती है, जबकि गरीब, पिछड़े और कमजोर वर्ग के लोगों के आंदोलनों पर बल प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दोहरा मापदंड लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
20 लाख मुआवजा और मुकदमे वापस लेने की मांग
रघु ने कहा कि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पहले भी पीड़ित परिवारों से मिलकर कलेक्टर भिंड को ज्ञापन सौंप चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से कम से कम 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। मृतक की 3 छोटी बेटियां हे और कोई कमाने वाला भी नहीं हे। मेहगांव व घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए 21 लोगों के मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
व्यापक आंदोलन की दी चेतावनी
रघु ठाकुर ने कहा कि यदि भिंड-महोबा रेल लाइन पर शीघ्र कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, भिंड को रेलवे जंक्शन का दर्जा नहीं मिला, गोहद स्टेशन पर आवश्यक ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं हुआ, किसानों की मूंग खरीदी प्रारंभ नहीं हुई, दुर्घटना पीड़ितों को न्याय और मुआवजा नहीं मिला तथा अवैध साहूकारों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भिंड बंद का आह्वान भी किया जाएगा और जनता के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।













