इंदौर में छात्रों का आंदोलन तेज...NTA सुधार सहित केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, 22 दिन से जारी है धरना और भूख हड़ताल

इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर 30 जून से जारी छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे इस प्रदर्शन में सोमवार को हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संयुक्त छात्र मोर्चा, आदिवासी छात्र संगठनों सहित सात से अधिक छात्र संगठनों के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
छात्र- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाए सरकार
दरअसल आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने चाहिए। इसी मांग को लेकर पिछले 22 दिनों से तीन-तीन छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर है और क्रमवार भूख हड़ताल भी करी जा रही है। धरना स्थल पर छात्र-छात्राएं गीत गाकर, ढोलक, झांझ और मंजीरे बजाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल उनके लिए नहीं, बल्कि देश के हर विद्यार्थी के भविष्य के लिए है।
इससे पहले मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान पांच छात्रों ने मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध जताया था। अब आंदोलन को लगातार बढ़ते जनसमर्थन के बीच छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
इंदौर में शिक्षा व्यवस्था सुधार के खिलाफ तेज हुआ छात्रों का प्रदर्शन











