
भारत की फोटो पत्रकारिता को नई पहचान देने वाले मशहूर फोटोग्राफर रघु राय का रविवार, 26 अप्रैल को 83 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने से कला, मीडिया और फोटोग्राफी की दुनिया में गहरा खालीपन महसूस किया जा रहा है।
रघु राय सिर्फ एक फोटोग्राफर नहीं थे, बल्कि वे भारत की सच्ची तस्वीरों के जरिए दुनिया को देश की आत्मा दिखाने वाले कलाकार माने जाते थे। उनकी तस्वीरें सिर्फ फोटो नहीं थीं, बल्कि इतिहास के जिंदा दस्तावेज थे।
उनके निधन की जानकारी उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट और एक पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर के जरिए साझा की गई। इसके बाद पूरे देश में उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
तस्वीर खींचते हुए रघु राय
अपने लंबे करियर में रघु राय ने भारत के कई ऐतिहासिक और भावनात्मक पलों को बेहद करीब से कैमरे में कैद किया।
भोपाल गैस त्रासदी की दर्दनाक तस्वीरें- 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के दौरान उन्होंने जो तस्वीरें खींचीं, वे आज भी उस दर्द और तबाही की सच्ची गवाही देती हैं। उनकी तस्वीरों ने दुनिया को इस हादसे की गंभीरता समझाई।
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इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा के साथ यादगार पल- उन्होंने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और महान समाजसेवी मदर टेरेसा के कई निजी और ऐतिहासिक पलों को भी अपनी तस्वीरों में संजोया। इन तस्वीरों में उनकी संवेदनशील नजर साफ दिखती है।
सत्यजीत राय और दलाई लामा के अनछुए चेहरे- रघु राय ने महान फिल्मकार सत्यजीत राय और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के ऐसे पोर्ट्रेट बनाए, जिनमें उनके व्यक्तित्व का एक अलग और गहरा रूप सामने आता है।
रघु राय द्वारा खींची तस्वीरें
रघु राय का जन्म 18 दिसंबर 1942 को उस समय के अविभाजित भारत के झंग (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था। देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आ गया।
बचपन में ही उन्होंने कई संघर्ष देखे, लेकिन उनकी सोच हमेशा गहरी और संवेदनशील रही। 23 साल की उम्र में उन्होंने अपने बड़े भाई एस. पॉल के मार्गदर्शन में कैमरा उठाया और यहीं से उनके जीवन की असली यात्रा शुरू हुई। धीरे-धीरे फोटोग्राफी उनका जुनून बन गई और फिर यही उनका पेशा भी बन गया।
रघु राय की प्रतिभा इतनी मजबूत थी कि दुनिया ने भी उन्हें पहचानना शुरू कर दिया। 1977 में प्रसिद्ध फ्रांसीसी फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसों ने उन्हें दुनिया की प्रतिष्ठित फोटो एजेंसी मैग्नम फोटोज से जुड़ने के लिए नामित किया। यह किसी भी भारतीय फोटोग्राफर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।इसने रघु राय को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई और भारत की कहानियों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया।
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रघु राय ने लंबे समय तक कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जिनमें द स्टेट्समैन और इंडिया टुडे जैसे नाम शामिल हैं। उनकी फोटोग्राफी सिर्फ खबर नहीं थी, बल्कि समाज का आईना थी। उन्होंने आम लोगों की जिंदगी, संघर्ष, खुशी और दर्द- सब कुछ अपने कैमरे में उतारा।
रघु राय द्वारा खींची दलाई लामा और सत्यजीत रे की तस्वीर
रघु राय को उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिले। उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा भी उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले, जो उनके काम की गहराई और प्रभाव को दिखाते हैं।
जानकारी के अनुसार, रघु राय पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनका अंतिम संस्कार 26 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट में किया। उनके परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत राय और उनके बच्चे नितिन, लगन, अवनी और पुरवै शामिल हैं।
रघु राय के निधन के बाद पूरे देश के कलाकार, पत्रकार और फिल्म जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। फोटोग्राफर अतुल कस्बेकर ने उन्हें भारत का सबसे महान फोटोग्राफर बताया और कहा कि यह एक युग का अंत है। अभिनेत्री दिया मिर्जा और फिल्मकार स्वानंद किरकिरे सहित कई हस्तियों ने भी भावुक हुए।