ओमान तट पर बाज नहीं आ रहा अमेरिका :भारत ने दूसरी बार अमेरिकी दूतावास को भेजा समन, जानें क्या कहा

तेहरान/ तेल अवीव। ओमान के समुद्री तट के पास भारतीय नाविकों वाले व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के कार्यकारी राजदूत जैशने मीक्स को तलब कर इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता और विरोध दर्ज कराया। अमेरिकी अधिकारी करीब 45 मिनट तक विदेश मंत्रालय में मौजूद रहे, जहां उनसे हालिया घटनाओं को लेकर चर्चा की गई।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब चार दिनों के भीतर भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर हमले की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में एक और जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। लगातार बढ़ते खतरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी अधिकारी दूसरी बार तलब
सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के अपर सचिव ने अमेरिकी राजनयिक को बातचीत के लिए बुलाया था। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर भारत दूसरी बार अमेरिकी दूतावास के अधिकारी को तलब कर चुका है। इससे साफ है कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
यह भी पढ़ें: ‘खुद कहा था खरीदो, अब सवाल क्यों?’ रूसी तेल पर जयशंकर का अमेरिका को करारा जवाब
DGS ने भारतीय नाविकों के लिए जारी की एडवाइजरी
व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के बीच डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने नई समुद्री सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ओमान की खाड़ी और आसपास के संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए जारी की गई है।
एडवाइजरी की प्रमुख बातें
- लगभग 18,000 भारतीय नाविकों को सतर्क रहने के निर्देश।
- जहाजों को उच्च सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने की सलाह।
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश।
- संवेदनशील समुद्री मार्गों से गुजरते समय अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया।
- हालिया हमलों ने बढ़ाई चिंता
नई एडवाइजरी हाल के दिनों में हुई तीन बड़ी घटनाओं के बाद जारी की गई है। इनमें ओमान तट के पास हुआ वह हमला भी शामिल है, जिसमें भारतीय क्रू के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी। इसके अलावा अन्य जहाजों को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
होर्मुज स्ट्रेट- दुनिया की बड़ी तेल लाइफलाइन
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। बड़ी संख्या में भारतीय नाविक इस क्षेत्र में तैनात हैं। ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत अपने नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है। सरकार हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठा रही है।











