बढ़ी ममता बनर्जी की मुश्किल...पार्टी में टूट के बाद एक और संकट, समुदाय विशेष को दी थी चेतावनी, अब FIR दर्ज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों बड़े संकट का सामना कर रही है। चुनावी झटके के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच अब ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक पार्टी के भीतर खींचतान और असहमति की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
विशेष समुदाय को लेकर की थी टिप्प्णी
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR दर्ज होने से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। मामला मार्च 2026 में दिए गए एक सार्वजनिक भाषण से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने एक विशेष समुदाय को लेकर ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक व्यापारी ने इस संबंध में हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने शिकायत को FIR में बदल दिया है।
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भाषण पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्यमंत्री के बयान से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। इसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। FIR दर्ज होने के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अभिषेक बनर्जी से 5 घंटे से ज्यादा पूछताछ
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। फर्जी हस्ताक्षर मामले में बंगाल CID ने उनसे लंबी पूछताछ की। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अभिषेक CID कार्यालय पहुंचे, जहां करीब साढ़े पांच घंटे तक उनसे सवाल-जवाब किए गए। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने कथित हस्ताक्षरों से जुड़ी डायरी और अन्य दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी ली।
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14 जून को फिर होगा सामना
सूत्रों के अनुसार, CID ने अभिषेक बनर्जी को 14 जून को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है। पूछताछ खत्म होने के बाद अभिषेक सीधे ममता बनर्जी के आवास पहुंचे। एक ओर मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR और दूसरी ओर अभिषेक से लगातार हो रही पूछताछ ने तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।












