Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

बीजेपी में क्यों शामिल हुए राघव चड्ढा:पहले से था प्लान या अचानक लिया फैसला ? जानिए क्यों बागी हुए आप के 7 सांसद

भारतीय राजनीति में शुक्रवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ, जब आम आदमी पार्टी के भीतर बड़ी बगावत सामने आई। राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया और उनके साथ कई अन्य सांसद भी चले गए। इस घटनाक्रम ने अरविंद केजरीवाल की पार्टी को गहरा झटका दिया है।
पहले से था प्लान या अचानक लिया फैसला ? जानिए क्यों बागी हुए आप के 7 सांसद

आप के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया। राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद नाराजगी बढ़ी। लंबे समय से चल रही खटास इस फैसले के साथ खुलकर सामने आ गई। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने दिल्ली की सियासत में हलचल मचा दी है।

डिप्टी लीडर पद से हटाना बना टर्निंग पॉइंट

राघव चड्ढा को हाल ही में राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया गया था, जिसे इस पूरे घटनाक्रम की अहम कड़ी माना जा रहा है। इस फैसले के बाद चड्ढा ने भले ही तत्काल कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। धीरे-धीरे यह नाराजगी गहराती चली गई और आखिरकार बड़े फैसले के रूप में सामने आई। पार्टी नेतृत्व और चड्ढा के बीच बातचीत की कमी भी इस स्थिति की वजह बनी। माना जा रहा है कि इसी के बाद उन्होंने अलग रास्ता चुनने का मन बना लिया था। यह फैसला आप के लिए अप्रत्याशित और बड़ा झटका साबित हुआ।

ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव पर सख्त चुनाव आयोग: 5 पुलिस अफसरों के निलंबन का आदेश, निष्पक्षता पर उठे सवाल

अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया बड़ा ऐलान

राजनीति में अचानक फैसले अक्सर बड़े बदलाव की वजह बनते हैं और यही इस मामले में भी देखने को मिला। राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इस घोषणा ने सियासी माहौल को पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से चल रही अंदरूनी खटास इस ऐलान के साथ सार्वजनिक हो गई। पार्टी के कई नेताओं के बीच मतभेद पहले से ही मौजूद थे, लेकिन इस तरह एक साथ इतना बड़ा कदम उठाना चौंकाने वाला रहा। इससे यह साफ हो गया कि पार्टी के अंदर असंतोष गहराई तक पहुंच चुका था।

पहले से मिल रहे थे पार्टी छोड़ने के संकेत

राघव चड्ढा और पार्टी के बीच दूरी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे। साल 2024 में जब कथित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब पार्टी के ज्यादातर नेता उनके समर्थन में सामने आए, लेकिन चड्ढा अपेक्षाकृत शांत नजर आए। उस समय भी राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे संकेत के रूप में देखा था। इसके अलावा, कई अहम मौकों पर उनकी अनुपस्थिति ने भी कई सवाल खड़े किए। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन अंदरूनी स्थिति अलग नजर आ रही थी। इन सभी घटनाओं ने मिलकर इस बड़े फैसले की जमीन तैयार की।

ये भी पढ़ें: आप में बगावत: 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- ये तो बस शुरुआत है...

7 सांसदों का पार्टी छोड़ना आप के लिए बड़ा संकट

इस बगावत में राघव चड्ढा के साथ स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, बलबीर सिंह और विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे नेता शामिल हैं। एक साथ सात सांसदों का पार्टी छोड़ना AAP के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है। इससे न केवल संसद में पार्टी की ताकत प्रभावित होगी, बल्कि आगामी चुनावों पर भी इसका असर पड़ सकता है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह घटनाक्रम पार्टी की रणनीति और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में आप को इस चुनौती से उबरने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

Latest Posts