
पश्चिम बंगाल। विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान निष्पक्षता और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। चुनाव आयोग ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डायमंड हार्बर क्षेत्र में तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने के बाद आयोग ने उन्हें निलंबित करने और जांच शुरू करने को कहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने में लापरवाही और गंभीर कदाचार के आरोपों के बाद आयोग ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत डायमंड हार्बर इलाके के पांच पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। इस पत्र में आयोग ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। रिपोर्ट में चुनाव ड्यूटी के दौरान पुलिस अधिकारियों के व्यवहार और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। आयोग का मानना है कि इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस अधिकारी और तीन थाना प्रभारी शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग का कहना है कि चुनाव जैसे संवेदनशील समय में इस तरह की लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
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चुनाव आयोग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी अधिकारी की ओर से लापरवाही या पक्षपात की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।
इस मामले में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारतीय पुलिस सेवा से जुड़े हैं। आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि उनके मामले की रिपोर्ट संबंधित केंद्रीय प्राधिकरण को भेजी जाए, आयोग इस मामले को हर स्तर पर गंभीरता से ले रहा है और जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है।
चुनाव आयोग ने केवल निलंबन के आदेश ही नहीं दिए बल्कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को चेतावनी जारी करने को भी कहा है। आयोग का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता बनाए रखना वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। इस मामले में उस स्तर पर भी कमी पाई गई है, जिसके चलते चेतावनी देने का फैसला लिया गया।
आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी आदेशों को बिना देरी के लागू किया जाए। साथ ही कहा, की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी उसी दिन आयोग को सौंप दी जाए।
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