Pune Poisonour Liquor Case:कुछ घूंट पीते ही बिगड़ी तबीयत, तड़प-तड़प कर 13 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के पुणे इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। कई परिवारों ने अपने घर के कमाने वाले लोगों को खो दिया।
जानकारी के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ के दापोडी और फुगेवाड़ी इलाके में 8 लोगों की मौत हुई, जबकि पुणे के काले पड़ल और हडपसर इलाके में 5 लोगों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, क्योंकि कुछ लोगों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुआ पूरा हादसा?
बताया जा रहा है कि इलाके में सस्ती शराब के नाम पर जहरीली और स्पिरिट मिलाकर तैयार की गई शराब बेची जा रही थी। कई लोगों ने यह शराब खरीदी और पी ली।
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शराब पीने के कुछ ही समय बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। किसी को चक्कर आने लगे, किसी को उल्टियां होने लगीं, तो कुछ लोगों के मुंह से झाग निकलने लगा। देखते ही देखते हालत इतनी खराब हो गई कि कई लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात तक सब सामान्य था, लेकिन सुबह होते-होते कई घरों में मातम छा गया। कुछ परिवारों को तो यह तक समझ नहीं आया कि अचानक ऐसा क्या हो गया।
किन इलाकों में हुई मौतें?
इस जहरीली शराब कांड का असर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के कई इलाकों में देखने को मिला। इन सभी इलाकों में एक ही तरह की शराब बेचे जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई थी।
- दापोडी- कई लोगों की मौत
- फुगेवाड़ी- 6 लोगों की जान गई
- काले पड़ल- 3 लोगों की मौत
- हडपसर- 2 लोगों की मौत
कौन है मुख्य आरोपी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस जहरीली शराब को योगेश वानखेडे नाम के व्यक्ति ने तैयार किया था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अवैध शराब बेचने का काम कर रहा था। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद वह खुलेआम शराब का कारोबार चला रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को शक है कि यह काम अकेले एक व्यक्ति का नहीं हो सकता।
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शराब में क्या मिलाया गया था?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शराब में स्पिरिट और कुछ जहरीले कैमिकल मिलाए गए थे। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसी शराब शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है।
यह आंखों की रोशनी छीन सकती है, किडनी खराब कर सकती है और कुछ ही घंटों में इंसान की जान भी ले सकती है। गरीब और मजदूर वर्ग के लोग अक्सर सस्ती शराब के चक्कर में ऐसी अवैध शराब खरीद लेते हैं, जिसका फायदा शराब माफिया उठाते हैं।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे के बाद कई परिवार पूरी तरह टूट गए हैं। किसी ने अपना बेटा खो दिया, तो किसी ने पति। कई घरों में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी।
घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नाराजगी भी जताई। कई लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब बेची जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना सामने आते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। कई टीमों को जांच में लगाया गया है। जिन जगहों पर शराब बेची गई थी, वहां छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने आरोपी योगेश वानखेडे को गिरफ्तार कर लिया है। उसके ठिकानों से शराब बनाने का सामान और संदिग्ध केमिकल भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अवैध शराब का कारोबार क्यों बन रहा खतरा?
देश के कई हिस्सों में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है। सस्ती शराब के लालच में लोग अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। शराब माफिया ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए शराब में जहरीले पदार्थ मिला देते हैं।
ऐसी घटनाएं पहले भी कई राज्यों में सामने आ चुकी हैं, जहां एक साथ कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अवैध शराब का धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा।
लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध शराब की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। साथ ही बिना लाइसेंस और सस्ती शराब खरीदने से बचें।











