बंद हुआ दरवाजा, बहता रहा खून...गाजियाबाद में पिंक बूथ के बाहर ऑटो चालक की तड़पकर मौत, गर्भवती पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के संजयनगर सेक्टर-23 में 22 वर्षीय ऑटो चालक राजकुमार की दर्दनाक मौत हो गई। मूल रूप से बिहार के सीवान का रहने वाला राजकुमार सवारी से हुए विवाद की शिकायत करने पास के पिंक बूथ पहुंचा था। वहीं हुई एक घटना के बाद उसके हाथ में गंभीर चोट लगी और अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप- शिकायत सुनने के बजाय बंद कर दिया दरवाजा
मृतक के दोस्त के अनुसार, राजकुमार को यह जानकारी नहीं थी कि पिंक बूथ पर केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं। उनका आरोप है कि राजकुमार की शिकायत सुनने के बजाय वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने बूथ का दरवाजा बंद कर लिया, जिससे वह परेशान हो गया।
शीशा टूटने से हाथ में लगी गहरी चोट
परिजनों के मुताबिक, दरवाजा बंद होने के बाद राजकुमार ने पहले दीवार और फिर बूथ के शीशे वाले दरवाजे पर हाथ मारा। इससे शीशा टूट गया और उसके हाथ में गहरा कट लग गया। आरोप है कि काफी देर तक उसके हाथ से लगातार खून बहता रहा, लेकिन उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया।
इलाज में देरी का आरोप
परिवार का कहना है कि घायल होने के बाद राजकुमार सड़क पर तड़पता रहा। उनका आरोप है कि पुलिस ने तुरंत इलाज की व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण उसकी जान चली गई। परिजनों का दावा है कि यदि समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
गर्भवती पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल
राजकुमार की शादी करीब एक साल पहले हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है। बेटे की मौत के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि घटना की सूचना भी उन्हें काफी देर से दी गई।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।










