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India's Got Latent :सप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर 3 लाख का जुर्माना लगाया, रणवीर इलाहाबादिया को भी लगाई फटकार

इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि उन्होंने पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया और कोर्ट को गुमराह किया। रणवीर इलाहाबादिया को भी अदालत ने फटकार लगाई। मामले की अगली सुनवाई में अनुपालन रिपोर्ट पर विचार होगा।
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सप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर 3 लाख का जुर्माना लगाया, रणवीर इलाहाबादिया को भी लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट केस' में स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना पर 3 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया है, साथ ही यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को भी कड़ी फटकार लगाई है।

नई दिल्ली। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने और न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से न लेने पर उन पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को भी अदालत ने निर्देशों के पालन को लेकर फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि उसके आदेशों का सम्मान नहीं किया जाएगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट ने समय रैना पर क्यों लगाया जुर्माना?

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि समय रैना ने पहले दिए गए आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया। कोर्ट ने यह भी माना कि उन्होंने अदालत के समक्ष दिए गए अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया और अनुपालन को लेकर गलत जानकारी दी। अदालत ने टिप्पणी की, "हमें लगता है कि समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है। अगर आपको अपना व्यवहार सुधारना या समाज की भावनाओं का सम्मान करना नहीं आता, तो इसके परिणाम भुगतने होंगे।

पहले क्या निर्देश दिए गए थे?

इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य संबंधित लोगों को क्योर एसएमए फाउंडेशन के साथ समन्वय करने, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता और सहायता से जुड़े कार्यक्रमों में सहयोग देने तथा अदालत के समक्ष दिए गए आश्वासनों का पालन करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि समय रैना ने इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया।

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अपराजिता सिंह ने क्या कहा?

क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि आदेश के बावजूद समय रैना ने अब तक फाउंडेशन या एसएमए से पीड़ित लोगों से कोई संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह किस तरह के यूथ आइकन हैं। यह सोचकर ही चिंता होती है।"

तुषार मेहता ने उठाया नए शो का मुद्दा

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने समय रैना के हालिया शो का भी जिक्र किया। उन्होंने अदालत को बताया कि नए शो की शुरुआत में समय रैना ने नींबू-मिर्च लटकाकर इशारों में टिप्पणी की। तुषार मेहता ने कहा कि भले ही किसी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन संदेश साफ था। उन्होंने अदालत से कहा कि जब तक समय रैना एसएमए फाउंडेशन से संपर्क नहीं करते और अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करते, तब तक यह गंभीर विषय बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे युवाओं के पास इससे कहीं बेहतर आदर्श हैं।

मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने की। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई अनुपालन हलफनामा मौजूद नहीं है, जबकि समय रैना की ओर से दावा किया गया था कि इसे दाखिल कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि इससे यह प्रतीत होता है कि अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई।

10 लाख से घटाकर 3 लाख किया जुर्माना

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले समय रैना पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाने की बात कही थी। हालांकि, उनके वकील ने नरमी बरतने और एक अंतिम अवसर देने की अपील की। इसके बाद अदालत ने राहत देते हुए जुर्माने की राशि घटाकर 3 लाख रुपए कर दी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अगली सुनवाई तक अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, तो अधिक कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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रणवीर इलाहाबादिया को भी मिली फटकार

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को भी पहले दिए गए निर्देशों का पालन करने की याद दिलाई। अदालत ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल, समय रैना को दो सप्ताह के भीतर 3 लाख रुपए का जुर्माना जमा करना होगा। साथ ही अदालत ने उन्हें निर्धारित समय में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का अंतिम अवसर भी दिया है। 

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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