स्पोर्ट्स डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। वह रातभर कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर ही धरना स्थल पर मौजूद रहीं। ममता ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से यह धरना शुरू किया है।
ममता ने समर्थकों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम बंगाल को बांटने की साजिश के तहत उठाया गया है।
धरना के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार महंगाई बढ़ाई जा रही है और अब रसोई गैस की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं। ममता ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लोगों को 21 दिन पहले गैस बुक करनी पड़े और घर में सिलेंडर खत्म हो जाए तो लोग क्या करेंगे।
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ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में दो योजनाओं-‘बंगालर युवा साथी’ और ‘भूमिहीन खेत मजदूर’ की घोषणा की थी, जिन्हें अप्रैल से लागू किया जाना था। लेकिन अब इन योजनाओं को तुरंत शुरू करने का फैसला लिया गया है।
धरना स्थल पर तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद हैं। सुबह से ही समर्थक धरना स्थल पर पहुंचकर ममता बनर्जी के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। ऐसे में राज्य में एसआईआर को लेकर फिर घमासान होता दिख रहा है। हालांकि इससे पहले ममता ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में खुद सीजेआई के सामने दलीले रखी थी
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में शुरू हुई SIR प्रक्रिया के बाद अब तक करीब 63.66 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत है। इसके बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है।