बिना रुके टोल पेमेंट:भारत में शुरू हुआ पहला बैरियर-लेस MLFF सिस्टम, 120 की स्पीड पर भी नहीं लगेगा ब्रेक

नितिन गडकरी ने भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम लॉन्च कर दिया है। यह नई तकनीक सूरत-भरूच सेक्शन के NH-48 पर चोर्यासी टोल प्लाजा से शुरू की गई है। इस सिस्टम के जरिए अब वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे जिससे लंबी लाइनों और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।
क्या है MLFF बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम
MLFF (मल्टी-लेन फ्री फ्लो) एक ऐसी आधुनिक टोलिंग तकनीक है जिसमें पारंपरिक टोल प्लाजा की तरह बैरियर नहीं होते। इसकी जगह हाई-टेक सेंसर और कैमरों से लैस ओवरहेड स्ट्रक्चर लगाया जाता है जो गुजरते वाहनों की पहचान खुद ही कर लेता है। यह सिस्टम 120 किमी/घंटा की स्पीड से गुजरने वाली गाड़ियों को भी बिना रुके टोल पेमेंट की सुविधा देता है।
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FASTag और ANPR तकनीक का इस्तेमाल
इस सिस्टम में FASTag को ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक के साथ जोड़ा गया है।
- AI आधारित कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ते हैं
- RFID रीडर FASTag स्कैन करते हैं
- टोल की रकम सीधे बैंक अकाउंट से कट जाती है
अगर किसी वाहन में FASTag नहीं है या काम नहीं कर रहा है तो कैमरे नंबर प्लेट के जरिए पहचान कर वाहन मालिक को ई-नोटिस भेज दिया जाएगा।
क्या होंगे इसके फायदे
इस नई तकनीक से कई बड़े फायदे मिलने का दावा किया गया है:
- टोल पर रुकने की जरूरत खत्म, यात्रा समय कम होगा
- हाईवे पर जाम में कमी आएगी
- ईंधन की बचत होगी
- प्रदूषण घटेगा
- टोल संचालन में मानव हस्तक्षेप कम होगा
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हाईवे सिस्टम के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम
सरकार के मुताबिक MLFF सिस्टम देश के टोल सिस्टम के डिजिटलीकरण और नेशनल हाईवे को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक अपग्रेड करने की दिशा में बड़ा कदम है। गडकरी ने कहा कि यह तकनीक आम लोगों के सफर को आसान बनाएगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए भी फायदेमंद साबित होगी क्योंकि इससे माल ढुलाई तेज और ज्यादा प्रभावी होगी।












