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इंदौर कलेक्टर की सख्ती:SDM को नोटिस,7 दिन में जवाब तलब

कनाड़िया क्षेत्र में जमीन के नक्शे में सुधार के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। बिना कलेक्टर अनुमति आदेश जारी करने पर पूर्व एसडीएम को नोटिस मिला। जांच में लापरवाही उजागर हुई, अब सात दिन में जवाब मांगा गया है, नहीं तो कड़ी कार्रवाई तय।
SDM को नोटिस,7 दिन में जवाब तलब

इंदौर - कनाड़िया क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक मामले में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां आम जनता के अधिकारों से सीधे जुड़े नियमों को नजरअंदाज कर दिया गया। इस गंभीर चूक पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन एसडीएम ओमनारायण बड़कल (डिप्टी कलेक्टर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।

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पूरा मामला ग्राम अरंडिया की भूमि से जुड़ा है, जहां खसरे और नक्शे में त्रुटि सुधार का मामला सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह गलती 5 साल से ज्यादा पुरानी थी, ऐसे मामलों में सीधे कार्रवाई करने के बजाय कलेक्टर की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर एसडीएम ने बिना अनुमति ही 23 जनवरी 2026 को नक्शा संशोधन का आदेश जारी कर दिया।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि संबंधित अधिकारी को प्रक्रिया और नियमों की पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इन्हें नजरअंदाज किया, जिससे आम नागरिकों के अधिकारों पर सवाल खड़े हो गए। अधिवक्ता अतुल यादव की शिकायत के बाद हुई जांच में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के उल्लंघन की पुष्टि हुई।

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यह मामला आवेदिका सुरजीत कौर (खातीवाला टैंक निवासी) की जमीन से जुड़ा है, जिनकी भूमि का रिकॉर्ड खसरे में तो सही था, लेकिन नक्शे में गलत सर्वे नंबर दर्ज हो गया था। सुधार के लिए उन्होंने एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था, लेकिन प्रक्रिया में हुई लापरवाही ने पूरे मामले को विवादित बना दिया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए मामला संभागायुक्त को भेजा जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई को आम जनता के हित में सख्त संदेश माना जा रहा है कि सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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