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अचानक सारे मोबाइल पर आया भारत सरकार का अलर्ट, जानें क्या है ये टेस्टिंग?

देशभर में सुबह 11:41 बजे मोबाइल फोन पर अचानक जो अलर्ट फ्लैश हुआ, वह किसी आपात स्थिति का संकेत नहीं बल्कि एक टेस्ट मैसेज था, जिसे Government of India ने अपनी नई सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक की जांच के लिए जारी किया। यह स्वदेशी सिस्टम भविष्य में भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य आपदाओं के दौरान बिना देरी के एक साथ करोड़ों लोगों तक चेतावनी पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
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अचानक सारे मोबाइल पर आया भारत सरकार का अलर्ट, जानें क्या है ये टेस्टिंग?
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2 मई को सुबह 11:41 बजे मोबाइल फोन पर अचानक जो अलर्ट फ्लैश हुआ, देश के करोड़ों मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन जैसी आवाज सुनाई दी। लोग घबरा गए, लेकिन यह किसी खतरे की चेतावनी नहीं थी। दरअसल ये भारत सरकार ने एक नए मोबाइल-आधारित डिजास्टर अलर्ट सिस्टम का ट्रायल किया। इस दौरान कुछ समय के लिए लोगों के फोन पर टेस्ट मैसेज और अलर्ट भेजे गए। सरकार ने साफ किया कि यह पूरी तरह सुरक्षित टेस्टिंग प्रक्रिया है, जिससे डरने की जरूरत नहीं है। यह स्वदेशी सिस्टम भविष्य में भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य आपदाओं के दौरान बिना देरी के एक साथ करोड़ों लोगों तक चेतावनी पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। 

कौन कर रहा है यह ट्रायल?

इस पूरे सिस्टम की टेस्टिंग Department of Telecommunications (DoT) और National Disaster Management Authority (NDMA) मिलकर कर रहे हैं। इन दोनों संस्थाओं का उद्देश्य एक ऐसा मजबूत सिस्टम बनाना है, जो किसी भी आपदा के समय लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचा सके और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

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क्या यह असली खतरे का अलर्ट था?

नहीं। यह कोई वास्तविक खतरे की चेतावनी नहीं थी। यह सिर्फ एक सिस्टम टेस्ट और डेमो अलर्ट था। सरकार समय-समय पर ऐसे ट्रायल करती है ताकि यह जांचा जा सके कि अलर्ट सही समय पर पहुंच रहा है या नहीं, सभी मोबाइल नेटवर्क पर काम कर रहा है या नहीं और लोगों को तुरंत जानकारी मिल रही है या नहीं। इसलिए अगर आपके फोन में यह सायरन बजा, तो यह सिर्फ एक तकनीकी जांच थी।

क्या है Cell Broadcast System?

यह एक आधुनिक तकनीक है जो आपदा के समय तुरंत सभी मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजती है। एक साथ लाखों मोबाइल पर संदेश भेज सकता है, SMS की तरह देरी नहीं होती, कमजोर नेटवर्क में भी काम करता है और किसी खास इलाके के सभी लोगों को एक साथ अलर्ट देता है। भारत में इस सिस्टम को C-DOT ने विकसित किया है।

किन परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल होगा?

यह सिस्टम उन स्थितियों में जीवन बचाने में मदद करेगा, जैसे-

  • भूकंप
  • सुनामी
  • बाढ़
  • गैस लीक
  • आग या बड़ा हादसा
  • बिजली गिरने जैसी आपात स्थिति

इन सभी मामलों में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए यह सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजता है।

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SMS से कैसे अलग है यह सिस्टम?

पहले सरकार SMS के जरिए अलर्ट भेजती थी, लेकिन उसमें देरी या नेटवर्क समस्या आ सकती थी। लेकिन Cell Broadcast System तुरंत अलर्ट भेजता है जो सभी मोबाइल पर एक साथ पहुंचता है। ये ज्यादा तेज और भरोसेमंद है और नेटवर्क पर निर्भर नहीं करता। 

यह स्वदेशी सिस्टम भविष्य में भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य आपदाओं के दौरान बिना देरी के एक साथ करोड़ों लोगों तक चेतावनी पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस ट्रायल का मकसद नेटवर्क की क्षमता, पहुंच और रियल-टाइम अलर्टिंग की प्रभावशीलता को परखना है, ताकि संकट के वक्त सूचना की रफ्तार ही सबसे बड़ी सुरक्षा बन सके। 

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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