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अचानक कांपने लगे तो सावधान! सिर्फ इंसान नहीं, कुत्तों को भी पड़ते हैं मिर्गी के दौरे, पालतू हों या आवारा न करें नजरअंदाज

कुत्तों में अचानक शरीर कांपना, जमीन पर गिरना या मुंह से झाग निकलना दौरे के संकेत हो सकते हैं। यह परेशानी पालतू और सड़क पर रहने वाले, दोनों तरह के कुत्तों में हो सकती है। इसके पीछे मिर्गी, जहरीले पदार्थ, सिर की चोट या शरीर की दूसरी बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं। समय पर पशु चिकित्सक की मदद जान बचा सकती है।
अचानक कांपने लगे तो सावधान! सिर्फ इंसान नहीं, कुत्तों को भी पड़ते हैं मिर्गी के दौरे, पालतू हों या आवारा न करें नजरअंदाज
कुत्तों में दौरे, पहचानें लक्षण और बचाव

इंसानों की तरह कुत्तों को भी मस्तिष्क से जुड़ी ऐसी परेशानी हो सकती है, जिसमें अचानक शरीर पर उनका नियंत्रण खत्म हो जाता है। इसे सीजर यानी दौरा कहा जाता है। कई बार कुत्ता जमीन पर गिर जाता है, उसके पैर तेजी से हिलने लगते हैं और मुंह से लार निकलने लगती है। ऐसे लक्षण देखकर लोग अक्सर इसे मिर्गी समझ लेते हैं, लेकिन हर दौरा मिर्गी के कारण नहीं पड़ता। पशु चिकित्सा से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पालतू कुत्तों के साथ आवारा कुत्तों में भी यह समस्या संभव है। इसके सही कारण की पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

क्या होता है कुत्तों में सीजर या मिर्गी का दौरा?

कुत्तों में सीजर तब होता है, जब मस्तिष्क की कोशिकाओं में अचानक असामान्य विद्युत गतिविधि होने लगती है। इसका असर शरीर की हरकतों और व्यवहार पर दिखाई दे सकता है। कुछ कुत्ते अचानक गिर जाते हैं, जबकि कुछ के चेहरे, होंठ या पैरों में ही झटके दिखाई देते हैं। मिर्गी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बिना किसी तत्काल कारण के बार-बार दौरे पड़ने की समस्या होती है। इसलिए एक बार दौरा पड़ने से ही यह तय नहीं किया जा सकता कि कुत्ते को मिर्गी है। पशु चिकित्सक जांच के बाद ही सही कारण बता सकता है।

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पालतू या आवारा, किस कुत्ते को होता है ज्यादा खतरा?

इस समस्या का संबंध केवल पालतू कुत्तों से नहीं है। घरों में रहने वाले कुत्तों और सड़कों पर रहने वाले आवारा कुत्तों, दोनों को दौरे पड़ सकते हैं। पालतू कुत्तों में आनुवंशिक मिर्गी सहित कई कारण सामने आ सकते हैं। वहीं आवारा कुत्तों में जहरीले पदार्थों के संपर्क, चोट, संक्रमण या दूसरी बीमारियों की आशंका भी हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर आवारा कुत्ते को अधिक खतरा होता है। दोनों समूहों में दौरे की दर की सीधी तुलना करने वाले भरोसेमंद आंकड़े सीमित हैं। इसलिए किसी एक समूह को ज्यादा प्रभावित बताना सही नहीं होगा।

कुत्तों में दौरे पड़ने के प्रमुख कारण

कुत्तों में दौरे पड़ने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कुछ मामलों में इसका कारण आनुवंशिक मिर्गी होता है, जिसका सटीक कारण पता नहीं चल पाता। इसके अलावा खून में शुगर की कमी, लिवर या किडनी की बीमारी, सिर पर चोट, दिमाग में गांठ और जहरीले पदार्थों का असर भी दौरे पैदा कर सकता है। गंभीर संक्रमण और शरीर के अंदर कुछ रासायनिक असंतुलन भी इसके कारण बन सकते हैं।

कैसे पहचानें दौरे के लक्षण?

दौरा पड़ने के दौरान कुत्ता अचानक जमीन पर गिर सकता है। उसके शरीर में झटके आ सकते हैं, पैर चलने जैसी हरकत कर सकते हैं और मुंह से ज्यादा लार निकल सकती है। कुछ कुत्ते अनजाने में पेशाब या मल भी कर देते हैं। हल्के दौरे में केवल चेहरे की मांसपेशियों में फड़कन, लगातार एकटक देखना या अजीब व्यवहार दिखाई दे सकता है। दौरा खत्म होने के बाद कुत्ता कुछ समय तक घबराया हुआ, भ्रमित या कमजोर रह सकता है।

दौरा पड़ने पर क्या करें?

सबसे पहले कुत्ते के आसपास रखी नुकीली या खतरनाक चीजें हटा दें और उसे सीढ़ियों या सड़क जैसी जगहों से सुरक्षित रखें। दौरे का समय नोट करें और संभव हो तो सुरक्षित दूरी से वीडियो बना लें, ताकि पशु चिकित्सक को जानकारी मिल सके। कुत्ते के मुंह में हाथ, पानी, खाना या कोई वस्तु न डालें और उसे जबरन पकड़कर न रोकें। यदि दौरा पांच मिनट से अधिक चले, बार-बार दौरे पड़ें या कुत्ता बीच में सामान्य न हो, तो तुरंत पशु चिकित्सक की मदद लें। पहली बार दौरा पड़ने पर भी जल्द जांच कराना जरूरी है।

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सही इलाज से मिल सकती है राहत

इलाज पूरी तरह दौरे के कारण पर निर्भर करता है। पशु चिकित्सक खून की जांच और जरूरत पड़ने पर दिमाग से जुड़ी अन्य जांचों की सलाह दे सकता है। कुछ कुत्तों को लंबे समय तक दौरे रोकने वाली दवाओं की जरूरत पड़ती है, जबकि दूसरे मामलों में मूल बीमारी का इलाज जरूरी होता है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा देना खतरनाक हो सकता है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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