Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

आज भोपाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू : विदेश से आए मेहमानों को कहा फ्रेंड्स ऑफ इंडिया, बोलीं- देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी MP में रहती है

Follow on Google News
आज भोपाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू : विदेश से आए मेहमानों को कहा फ्रेंड्स ऑफ इंडिया, बोलीं- देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी MP में रहती है
भोपाल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार यानी आज 3 अगस्त को एक दिन के दौरे पर भोपाल में हैं। रविंद्र भवन में उन्होंने एशिया के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव 'उत्कर्ष' और 'उन्मेष' का शुभारंभ किया। 'उत्कर्ष उत्सव' 3 से 5 अगस्त तक चलेगा। 'उन्मेष उत्सव' 3 से 6 अगस्त तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि, देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी MP में रहती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन

  • हिंदी और अंग्रेजी में शुरू किया संबोधन, विदेश से आए मेहमानों को कहा फ्रेंड्स ऑफ इंडिया।
  • ये मेरी मध्यप्रदेश की पांचवी यात्रा, आठ करोड़ निवासियों को धन्यवाद, राष्ट्रपति बनने के बाद मेरी सबसे ज्यादा यात्राएं MP में।
  • जयशंकर प्रसाद की पंक्तियां भी दोहराईं, राष्ट्रप्रेम और वैश्विक बंधुत्व का संगम देश के चिंतन में दिखता है।
  • रविंद्रनाथ की कविता का भी किया उल्लेख, मानवता के संरक्षण में साहित्य का अहम रोल, 19 और 20वीं शताब्दी की सुपर पावर खत्म हो गई, लेकिन शेक्सपियर आज भी जिंदा हैं।
  • आजादी के अमृत महोत्सव पर हमें विचार करना है कि क्या वाकई ऐसा साहित्य रचा जाता है, जिनमें बड़ी संख्या में पाठकों की भागीदारी हो, साहित्य लोगों से जुड़ता है और लोगों को जोड़ता भी है।
  • संथाली साहित्य में मेरी गहरी रुचि रही है, भारतीय भाषाओं के साहित्य का अन्य भाषाओं में अनुवाद होगा तो इसका फायदा मानवता को होगा। संथाली भाषा को अहमियत प्रदान करने के मेरे प्रयासों को अटल जी ने आशीर्वाद दिया था।
  • देश में 700 से ज्यादा आदिवासी प्रजाति निवास करती हैं, लेकिन उनकी भाषाएं इससे दोगुनी, क्योंकि हर 50 किलोमीटर पर भाषा बदल जाती है, देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी MP में रहती है।
  • जनजातीय कलाकारों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया, छत्तीसगढ़ की बहन तीजनबाई को 2023 मे पद्मविभूषण दिया गया, हमारे प्रयास हो कि जनजातीय समुदाय का संरक्केषण हो और जनजातीय युवा आधुनिक विकास में भागीदार भी बनें...

सीएम शिवराज का संबोधन

  • भारत की राष्ट्रपति परम श्रद्धेय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का मैं मध्य प्रदेश की धरती पर हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता हूं।
  • संपूर्ण देश का साहित्‍य जगत आज मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विविधता के साथ उपस्थित है। मैं आप सबका हृदय से स्‍वागत करता हूं।
  • भारत अत्यंत प्राचीन और महान राष्ट्र है। ये वो धरती है, जिसने सारे विश्व को संदेश दिया... अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥
  • मनुष्‍य को मन, बुद्धि और आत्‍मा का सुख अगर कोई देता है, तो वह साहित्‍य, संगीत और कला ही है।
  • ये अद्भुत और नया दौर है... जब हमारे प्रधानमंत्री जी अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर, काशी में हों या महाकाल महाराज के दर्शन करने जाएं, तो साष्टांग दंडवत और प्रणाम करते हैं और देश हमारे पुराने मूल्यों को फिर से याद करता है।
  • मध्‍यप्रदेश प्राचीन काल से ही कला और संस्‍कृति की संगम स्‍थली रहा है।
  • साहित्य, कला और संगीत में पूरी दुनिया को एक रखने की ताकत है।
[caption id="attachment_84092" align="aligncenter" width="600"] भोपाल एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी साथ रहे।[/caption] [caption id="attachment_84094" align="aligncenter" width="600"] भोपाल एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया।[/caption]

उत्कर्ष और उन्मेष कार्यक्रम का किया शुभारंभ

राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘उत्कर्ष और उन्मेष’ उत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदेश एवं संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी भी मौजूद रहीं। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अवसर पर इस कार्यक्रम को साहित्य अकादमी नई दिल्ली, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन ने संयुक्त रूप से आयोजित किया है। पिछली बार शिमला में यह आयोजन हुआ था। मध्यप्रदेश में पहली बार हो रहा है।

कार्यक्रम में 13 देशों से आएंगे 575 साहित्यकार

इस कार्यक्रम के लिए देशभर के राज्यों से 36 जनजातीय दल बुलाए गए हैं। हर दिन 12-12 दल लोक नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। 75 से अधिक कार्यक्रमों में 100 भाषाओं के 575 से अधिक लेखक सहभागिता करेंगे। 13 अन्य देशों के लेखक भी शामिल होंगे। ‘उन्मेष’ का यह दूसरा संस्करण है। पहला आयोजन शिमला में पिछले साल हुआ था।

काव्यशास्त्र-भक्ति साहित्य जैसी गतिविधियां भी होंगी

इस अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव के साथ ही संगीत नाटक अकादमी ‘उत्कर्ष’ शीर्षक से लोक एवं जनजातीय प्रदर्शन कलाओं का राष्ट्रीय उत्सव भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें कविता-कहानी पाठ के अलावा, भारतीय काव्यशास्त्र, भारतीय भक्ति साहित्य, सागर साहित्य, भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय नाटकों में अलगाव का सिद्धांत, विविधता में एकता, भारत की सौम्य शक्ति, सिनेमा और साहित्य, विदेशी भाषाओं में भारतीय साहित्य का प्रचार-प्रसार, चिकित्सकों का साहित्य, साहित्य एवं प्रकृति, मशीनों का उदय– लेखकविहीन साहित्य, रचनात्मकता बढ़ाने वाली शिक्षा जैसी गतिविधियां होंगी। साथ ही अनुवाद, प्रगति का संचालक और आलोचनात्मक विचार, योग साहित्य, मातृभाषाओं का महत्त्व, फंतासी और विज्ञान कथा साहित्य, ई-साहित्य, नारीवाद और साहित्य, आदिवासी लेखन और हाशिये का स्वर उत्पीड़ितों का उत्थान जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर परिचर्चा भी होगी।
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

Latest Posts