PU Special :वर्दी में हीरोगीरी पर लगी लगाम, डीजीपी के आदेश के बाद जिलों में एसपी कर रहे ‘रीलबाजों’ पर कार्रवाई

विजय एस गौर, भोपाल। पहला मामला-सागर जिले में चार महिला आरक्षकों को वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर नोटिस। चेतावनी देकर सोशल मीडिया से वर्दी वाले वीडियो हटवाए गए।दूसरा मामला-उज्जैन जिले में रील बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने वाले आरक्षक को नोटिस दिया गया। नतीजे में आधा दर्जन पुलिस कर्मचारियों के वीडियो डिलीट हो गए।
एक महीने पहले जारी किया गया था आदेश
दरअसल, सोशल मीडिया को लेकर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बीते 21 सितंबर 2026 को 24 बिंदु वाला फरमान जारी किया था। इसमें डयूटी के दौरान या बाद में वर्दी में रहते हुए रील या वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। साथ ही उल्लंघन करने पर सख्त विभागीय कार्रवाई से लेकर निलंबन तक के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले ज्यादातर पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों की रील नदारद हो गई हैं। बावजूद जानकारी के अभाव या पुरानी वीडियो एकाउंट पर बरकरार रहने पर जिलों के एसपी एक्शन ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार महीनेभर में दो सौ से ज्यादा पुलिस वालों के एकाउंट से वर्दी वाले वीडियो हटाए जा चुके हैं।
मोनेटाइज से पहले परमिशन जरूरी
वर्दी में रील बनाने पर पूरी तरह रोक होने के साथ ही बिना वर्दी के रील बनाकर मोनेटाइज करने पर भी विभाग की अनुमति लेनी आवश्यक होगी, जिसके लिए 30 दिन में बैंक एकाउंट सहित अन्य जानकारी जिले के एसपी या विभाग प्रमुख को देनी आवश्यक होगी। इस बारे में भी जिलों और रेंज में सीनियर पुलिस अधिकारी नजर रख रहे हैं।
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ये हैं डीजीपी के प्रतिबंधात्मक निर्देश
- पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या बाद में वर्दी में रील, फोटो, वीडियो या ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, एक्स पर पोस्ट नहीं कर सकेगा।
- सरकारी गोपनीय दस्तावेजों, स्क्रीनशॉट या सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे एआई टूल्स पर अपलोड नहीं किया जा सकेगा।
- पुलिस ऑपरेशन, त्वरित कार्रवाई, हथियारों की ट्रेनिंग, फायरिंग, पुलिस दबिश या अन्य ऑपरेशनों के फोटो या वीडियो लाइव या साझा नहीं किए जा सकेंगे।
- जांच प्रचलन वाले संवेदनशील केस, पीड़ितों, गवाहों या आरोपियों की तस्वीरें बिना वैधानिक अनुमति सोशल मीडिया पर शेयर नहीं की जा सकेंगी।
- सोशल मीडिया गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई या निलंबन हो सकेगा।
तीन आरक्षकों को नोटिस दिए हैं
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कुछ आरक्षक रील बनाते थे, इसका पता चलने पर 3 को नोटिस दिए गए। इसके बाद सभी पुलिस वालों ने अपने-अपने वीडियो सोशल एकाउंट से हटा दिए।
नोटिस दिए तो महिला आरक्षकों ने रील डिलीट कीं
सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि चार महिला आरक्षकों को नोटिस दिए थे, जिसके बाद रील डिलीट हो गईं। इस बारे में चेतावनी दी गई है, ताकि आगे कोई लापरवाही नहीं करें।




















