PU Special :‘शादी में पहले जैसा रोमांच नहीं, अब हमें बदलाव चाहिए’, तलाक के लिए फैमिली कोर्ट पहुंचे 100 से ज्यादा मामले

पल्लवी वाघेला, भोपाल। 'शादी में अब पहले जैसा रोमांच नहीं रहा, जिंदगी एक जैसी और बोरिंग हो गई है, अब कुछ बदलाव चाहिए…।' ये तर्क अब सिर्फ पति-पत्नी के बीच होने वाली बहस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तलाक की वजह बनकर फैमिली कोर्ट तक पहुंच रहे हैं। कुछ दंपतियों को लगता है कि उन्हें दूसरा जीवनसाथी चुनना चाहिए, तो कुछ के लिए शादी के बंधन से बाहर बिना फॉर्मल कमिटमेंट के रिश्ता निभाना यानी सिचुएशनशिप ज्यादा बेहतर ऑप्शन है। मप्र के फैमिली कोर्ट में वर्तमान में ऐसे 100 से ज्यादा मामले विचाराधीन हैं, जिनमें रिश्ते से संतुष्टि खत्म होने और एक्साइटमेंट लाने नया पार्टनर चुनने जैसे तर्क सामने आ रहे हैं। यह भी दिलचस्प है कि इनमें से ज्यादातर मामले शादी के पांच से छह साल के भीतर ही कोर्ट तक पहुंच गए हैं। वहीं, प्रतिशत की बात करें तो लव मैरिज का रेश्यो इसमें अरेंज मैरिज से थोड़ा अधिक है।
इंदौर में 31 और जबलपुर में 22 मामले
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भोपाल में ऐसे 16, इंदौर में 31, जबलपुर में 22 और ग्वालियर में 13 मामले विचाराधीन हैं। बाकी मामले प्रदेश के दूसरे जिलों से हैं। इन मामलों में बदलती जीवनशैली, व्यक्तिगत आजादी की अपेक्षा और रिश्ते से लगातार नए अनुभवों की चाह जैसे कारण सामने आ रहे हैं। हालांकि, हर मामले में तलाक की वजह एक जैसी नहीं है लेकिन जो बात कॉमन है वह ये कि रिश्ते में नयापन और बदलाव चाहिए।
भोपाल-पसंद के मुताबिक जीवन जीने की बात पर विवाद
भोपाल के मामले में शादी के सात साल बाद एक दंपति के बीच विवाद इस पर बढ़ गया कि पति को लगता था कि जिंदगी रोज एक ही ढर्रे पर चल रही है। वह घूमने-फिरने, नए लोगों से मिलने और अपनी पसंद के मुताबिक जीवन जीने की आजादी चाहता था। उसने पत्नी से भी कहा कि वह भी इस रिश्ते में रहते हुए लाइफ एंजॉय करने को लेकर स्वतंत्र है। पत्नी ने इसे परिवार के प्रति जिम्मेदारी से बचने की कोशिश माना। विवाद तलाक की अर्जी तक पहुंच गया।
इंदौर-पत्नी बोली, रिश्ते में पहले जैसा आकर्षण नहीं
यहां फैमिली कोर्ट पहुंचे मामले में शादी के पांच साल बाद पत्नी ने कहा कि अब उसे इस रिश्ते में पहले जैसा आकर्षण महसूस नहीं होता और वह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ नई शुरुआत करना चाहती है। काउंसलर का सवाल था कि यदि रिश्ते में परेशानी थी तो उसे सुधारने की कोशिश क्यों नहीं की गई? पत्नी ने कहा कि वह शादी के बंधन से ही आजादी चाहती है। पति, तीन साल के बच्चे की खातिर शादी को बचाने के लिए प्रयासरत है।
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जबलपुर- दंपति बोले, हम बिना शादी के ज्यादा खुश थे
यहां के युवा दंपति ने बीते माह तलाक के लिए केस लगाया। दोनों ने कहा कि वह बिना विवाह अधिक खुश थे। यह उनकी लव मैरिज है। आगे दंपति ने कहा कि शादी की जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं बोझ लगने लगी हैं। आगे शायद वह एक-दूसरे के संपर्क में रहें, लेकिन वह व्यक्तिगत आजादी को प्राथमिकता देना चाह रहे हैं। दोनों ने रिश्ता खत्म करने आपसी सहमति दी है और जल्द तलाक की डिक्री पारित हो जाएगी।
एक्सपर्ट व्यू : यह गलत ट्रेंड, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाएं
मीडिएशन सेंटर की काउंसलर प्रतिभा राजगोपाल ने इस बारे में कहा कि शुरुआती आकर्षण समय के साथ बदलना स्वाभाविक है। शादी में रोजमर्रा की जिम्मेदारियां, काम का दबाव, संवाद की कमी और एक-दूसरे से अवास्तविक अपेक्षाएं रिश्ते को नीरस बना सकती हैं। ऐसे में कुछ लोगों को लगता है कि साथी बदलने से जिंदगी में नया रोमांच आ जाएगा, जबकि वास्तविक समस्या रिश्ते के भीतर संवाद और भावनात्मक जुड़ाव की कमी हो सकती है। नीरसता का हवाला देकर शादी खत्म करना गलत ट्रेंड है। तलाक का फैसला लेने से पहले दंपति को यह समझने की जरूरत है कि वे वास्तव में रिश्ते से बाहर निकलना चाहते हैं या मौजूदा रिश्ते में बदलाव चाहते हैं। आपसी बातचीत और मैरिज काउंसलिंग से कई बार समस्याओं को समझने का अवसर मिल सकता है।
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