छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस की प्रताड़ना और गाली-गलौज से परेशान होकर एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि युवक काफी तनाव में था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
सुसाइड करने से पहले युवक ने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसे उसने अपने दोस्तों को भेज दिया। वीडियो में उसने कहा कि उसे घर-परिवार से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पुलिस द्वारा फोन कर गालियां देने और थाने बुलाने से वह बेहद तनाव में है। जिसके कारण ही वह इस कदम को उठा रहा है।
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वीडियो में युवक ने कहा कि जब उसने कोई गलती नहीं की तो जांजगीर-चांपा जिले के पंतोरा थाना की पुलिस ने उसे फोन कर अपशब्द कहे और पूछताछ के लिए बुलाया। उसने कहा कि इतनी गाली-गलौज के बाद अगर वह थाने जाएगा तो उसके साथ क्या होगा, इसी डर से वह काफी परेशान है।
दरअसल पुलिस को शक था कि युवक ने अपने रूम पार्टनर की गर्लफ्रेंड को भगाने में मदद की है। इसी मामले में उससे पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि इसी डर और तनाव के चलते युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। यह पूरा मामला उरगा थाना क्षेत्र के पताड़ी इलाके का बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 21 वर्षीय सनद कश्यप, पिता धनीराम कश्यप के रूप में हुई है। वह जांजगीर-चांपा जिले के चोरभट्टी गांव का रहने वाला था। सनद कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के पताड़ी इलाके के पास स्थित Ashok Leyland कंपनी के वर्कशॉप में मैकेनिक के तौर पर काम करता था। कंपनी की ओर से उसे रहने के लिए कमरा भी दिया गया था, जहां वह अपने रूम पार्टनर धीरेंद्र पाटले के साथ रहता था।
बताया जा रहा है कि पहरिया गांव निवासी उसका रूम पार्टनर धीरेंद्र पाटले शुक्रवार को गेवरा में रहने वाली एक युवती को लेकर फरार हो गया। इस मामले में युवती के परिजनों ने पंतोरा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस युवती और धीरेंद्र दोनों की तलाश में जुटी हुई थी।
सनद ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने कहा कि उसे अपने घरवालों से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पंतोरा थाना के पुलिसकर्मी उसे फोन पर गालियां दे रहे हैं। उसने वीडियो में कहा, “जब मैंने कुछ किया ही नहीं तो मुझे इतनी गालियां क्यों दी जा रही हैं और थाने क्यों बुलाया जा रहा है। अगर मैं वहां जाऊंगा तो पता नहीं मेरे साथ क्या होगा। मैं बहुत तनाव में हूं। धीरेंद्र को भगाने में मेरा कोई हाथ नहीं है।”
इस पूरे मामले में उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि घटना की सूचना मिल चुकी है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।