ईरान- अमेरिका जंग 24 घंटे में हो सकती है खत्म...दोनों देशों के बीच 14 बिंदुओं का समझौता आगे बढ़ा, ईरान बोला- PAK के जरिए बातचीत जारी

वॉशिंगटन डीसी/ तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच गुरुवार को बड़ा अपडेट सामने आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देश युद्ध रोकने और परमाणु समझौते को लेकर बहुत करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत असफल हुई तो अमेरिका फिर से बड़े सैन्य हमले कर सकता है।
दूसरी तरफ ईरान ने अभी तक अमेरिकी प्रस्ताव पर खुलकर हामी नहीं भरी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि समझौते को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, उन्हें जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि बातचीत अभी जारी है और पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है।
ईरान आज अमेरिकी प्रस्ताव पर जवाब दे सकता है
इसी बीच CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान आज अमेरिका के प्रस्ताव पर जवाब दे सकता है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला एक ड्राफ्ट समझौता तैयार किया गया है, हालांकि उस पर अंतिम सहमति अभी नहीं बनी है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से दोनों देशों में शांति साफ दिख रही है।
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UNSC में अमेरिका का नया दांव
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल करने की मांग की गई है। अमेरिका का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं ईरान ने सदस्य देशों से इस प्रस्ताव का विरोध करने की अपील की है।
चीन भी हुआ एक्टिव
चीन और ईरान के बीच बीजिंग में हाई-लेवल बैठक हुई। चीन ने युद्ध तुरंत रोकने की बात कही और ईरान को समर्थन का भरोसा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान चाहता है कि ट्रंप की संभावित चीन यात्रा के दौरान बीजिंग अमेरिका के दबाव में कोई ऐसा फैसला न ले जिससे तेहरान को नुकसान पहुंचे।
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फ्रांसीसी जहाज पर हमला
तनाव के बीच फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM ने दावा किया कि उसके एक कार्गो जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ है। इस हमले में कुछ क्रू मेंबर घायल हुए हैं। घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों में चिंता बढ़ गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
- 4 मार्च: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का ऐलान
ईरान ने दावा किया कि अब होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है और यह रास्ता उसके दुश्मनों के लिए बंद रहेगा। इसके बाद पूरी दुनिया में तेल संकट की आशंका बढ़ गई।
- 8 अप्रैल: सीजफायर की कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष रोकने को लेकर शुरुआती सहमति बनी, लेकिन ईरान ने समुद्री रास्ता खोलने से इनकार कर दिया। - 13 अप्रैल: पाकिस्तान में बातचीत फेल
पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता बेनतीजा खत्म हुई। इसके बाद अमेरिका ने इलाके में सैन्य दबाव और बढ़ा दिया।
अप्रैल के आखिर में बैकडोर डिप्लोमेसी
तनाव बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच गुप्त बातचीत शुरू हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान इसके लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
अब पूरी दुनिया की नजर ईरान के अगले फैसले पर है। अगर समझौता होता है तो मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है, लेकिन बातचीत टूटने की स्थिति में हालात और खतरनाक हो सकते हैं।











