इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सरकार को सख्त फैसले लेने पड़े हैं। हालात ऐसे हैं कि अब मंत्रियों की सैलरी तक रोक दी गई है।
सरकार ने दो दिन पहले ही पेट्रोल में 137 रुपए और डीजल में 184 रुपए की भारी बढ़ोतरी की थी। इसके बाद देशभर में विरोध बढ़ा तो सरकार को फैसला बदलना पड़ा और पेट्रोल 80 रुपए सस्ता कर दिया गया। अब पेट्रोल 378 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 520.35 रुपए प्रति लीटर पर बना हुआ है।
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पेट्रोल पर टैक्स 105 रुपए से बढ़ाकर 160 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया था जिससे कीमतें अचानक बढ़ गई। हालांकि डीजल पर टैक्स हटाया गया लेकिन महंगाई का असर आम लोगों पर लगातार बना हुआ है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आर्थिक हालात को देखते हुए अब मंत्रियों को अगले 6 महीने तक वेतन नहीं दिया जाएगा। पहले यह फैसला सिर्फ 2 महीने के लिए था जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में कटौती के साथ-साथ कुछ वर्गों को राहत देने की भी घोषणा की है
प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर के कारण ग्लोबल तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है जिससे आयात पर निर्भर देशों पर दबाव और बढ़ गया है।
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सरकार का कहना है कि पिछले तीन हफ्तों में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए करीब 129 अरब रुपए की सब्सिडी दी गई लेकिन हालात ऐसे हो गए कि अब कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया।