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भारत भवन में परवीन सुल्ताना ने दी 15वीं प्रस्तुति, राग यमन में सुनाया मंगल गाऊं

42वें वर्षगांठ समारोह के दूसरे दिन गायन की प्रस्तुति
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भारत भवन में परवीन सुल्ताना ने दी 15वीं प्रस्तुति, राग यमन में सुनाया मंगल गाऊं

भारत भवन में आयोजित विविध कलाओं के उत्सव के 42वें वर्षगांठ समारोह के दूसरे दिन गायिका बेगम परवीन सुल्ताना के सुर गूंजे। उन्होंने अपनी गायन प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत लिया। इससे पहले गायक कलाकार गौतम काले का गायन हुआ। भारत भवन के न्यासी विजय मनोहर तिवारी ने कलाकारों का साहित्य भेंट कर स्वागत किया। श्री काले ने राग दिन की पुरिया का चयन करते हुए बड़ा खयाल में विलंबित एकताल की बंदिश रात बस आयो मोरे मंदिरवा... को सुनाया। प्रस्तुति के क्रम को आगे बढ़ाते हुए छोटा खयाल में मध्यलय तीन ताल को पेश किया। जिसमें उन्होंने बंदिश चलो चलो री आली मंदिरवा... की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति दी। राग आदि बसंत में मध्यलय रूपक में बंदिश बन-बन बोलत कोयलिया आयी बसंत बहरिया... को सुनाते हुए प्रस्तुति के समापन के लिए राग मिश्र और आदि बसंत का चयन किया।

मेरी इच्छा है कि भारत भवन इसी तरह और प्रगति करे

कुछ समय के अल्पविराम के बाद गायिका बेगम परवीन सुल्ताना ने मंच पर आमद दी। संगीत जगत में तार सप्तक की रानी के नाम से पुकारी जाने वाली बेगम परवीन सुल्ताना देश की एक मात्र ऐसी शास्त्रीय गायिका हैं जिन्हें महज 23 साल की उम्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। गीत को अपनी अंतरात्मा मानने वाली शास्त्रीय गायिका पटियाला घराने से जुड़ीं। मंच पर कला प्रेमियों से मुखातिब होते हुए बेगम परवीन सुल्ताना ने कहा... नमस्कार आदाब, आज बसंत पंचमी का अवसर है, आप सभी को बहुत शुभकामनाएं। बड़ी बात यह है कि आज मैं आपके सामने हूं और प्रस्तुति देने आई हूं। भारत भवन से मेरा रिश्ता वर्षों पुराना है। यह मेरी 15वीं प्रस्तुति है जो कला के इस घर में होने जा रही है। यह सब संभव हो पाया है आप जैसे कला रसिक और सुनकार की वजह से। मेरी इच्छा है कि भारत भवन इसी तरह से और आगे बढ़े और प्रगति करे।

फाल्गुन के दिन चार गीत की दी कर्णप्रिय प्रस्तुति

प्रस्तुति की शुरुआत बेगम परवीन सुल्ताना ने राग यमन का चयन कर किया। इसमें उन्होंने विलंबित खयाल और द्रुत खयाल की बंदिश पेश की, जिसके बोल थे, मंगल गाऊं सखि...। इसके बाद बेगम ने राग बसंत में द्रुत खयाल में बंदिश फाल्गुन के दिन चार... की मन मोह लेने वाली प्रस्तुति दी। 15 फरवरी को शाम 6.20 बजे बाबूलाल भोला का अलगोजा गायन होगा। शाम 7 बजे पवित्र राबा के निर्देशन में नाटक रावण वध की प्रस्तुति होगी।

कार्यक्रम में आए ‘श्रीकृष्ण’

भारत भवन में अपने बीच नीतीश भारद्वाज को पाकर कई दर्शक उनसे मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने मंच पर पहुंचकर कलाकारों से मुलाकात की।

People's Reporter
By People's Reporter

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