फास्ट-ट्रैक कोर्ट, लंबी जेल और भारी जुर्माना...पेपर लीक पर सरकार का नया ब्लूप्रिंट, सख्त होगा कानून

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' को और सख्त बनाने के लिए संशोधन लाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित बदलावों में दोषियों के लिए अधिक कड़ी सजा, भारी जुर्माना और मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार देने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन संशोधनों पर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में चर्चा और मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद सरकार मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में संशोधन विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद तेज हुई तैयारी
गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि, सरकार पिछले ढाई महीने से पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी चिंताओं पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानूनी प्रावधानों का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को अंतिम रूप देकर संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पेश करने की कोशिश की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि, सरकार का पहला लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। इसी दिशा में दोबारा परीक्षा कराकर करीब 22 लाख छात्रों के परिणाम घोषित किए गए।
क्या हैं प्रस्तावित बदलाव?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार कानून में कई महत्वपूर्ण संशोधन कर सकती है ताकि पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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विषय |
मौजूदा प्रावधान |
प्रस्तावित बदलाव |
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व्यक्तिगत मामलों में सजा |
3 से 5 वर्ष |
5 से 10 वर्ष तक |
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जुर्माना |
10 लाख रुपये तक |
1 करोड़ रुपये तक |
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फास्ट-ट्रैक कोर्ट |
सीमित व्यवस्था |
अधिक अधिकार और त्वरित सुनवाई |
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कानून |
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 |
संशोधन कर और सख्त बनाया जाएगा |
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संसद |
मौजूदा कानून लागू |
संशोधन विधेयक मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी |
सरकार कानून में बदलाव क्यों करना चाहती है?
हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामलों ने देशभर में व्यापक चर्चा और विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया। कई राज्यों में छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सरकार का मानना है कि, मौजूदा कानून को और प्रभावी बनाने से परीक्षा माफिया पर कड़ा संदेश जाएगा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट को मिल सकते हैं अधिक अधिकार
प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई तेजी से पूरी कराने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की भूमिका बढ़ाने का भी प्रावधान किया जा सकता है। इससे मामलों के जल्द निपटारे और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का रास्ता आसान होगा। सरकार पहले ही NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत की व्यवस्था कर चुकी है। अब इसी मॉडल को और मजबूत बनाने पर विचार किया जा रहा है।
2024 का कानून क्या कहता है?
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 सरकारी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और संगठित परीक्षा अपराधों को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था। यह कानून UPSC, SSC, NTA और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होता है।
मौजूदा व्यवस्था में व्यक्तिगत स्तर पर अपराध करने वालों के लिए 3 से 5 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध या परीक्षा माफिया से जुड़े मामलों में पहले से ही अधिक कठोर सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान मौजूद है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रस्तावित संशोधनों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि, जब 2024 का कानून पहले से लागू है, तो सबसे बड़ी चुनौती उसके प्रभावी क्रियान्वयन की है। उनका तर्क है कि, केवल सजा बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि कानून को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है।
PMO भी कर रहा है लगातार निगरानी
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय पिछले दो दिनों से शिक्षा मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है। NEET परीक्षा, दोबारा परीक्षा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर विस्तृत समीक्षा की जा रही है। बताया जा रहा है कि, इस संबंध में कई बिंदुओं पर मंत्रालय से जानकारी भी मांगी गई है।
कब लागू होंगे नए प्रावधान?
अगर केंद्रीय मंत्रिमंडल संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो सरकार इसे संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पेश करेगी। संसद से पारित होने के बाद नए प्रावधान लागू किए जा सकते हैं, जिससे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ पहले से अधिक सख्त कार्रवाई संभव होगी।











